पार्श्वनाथ जिनालय में अट्ठम और 250+ आयम्बिल की तपस्या की

भास्कर संवाददाता| पाली श्री पार्श्व नाथ प्रभु के जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में 108 पार्श्व नाथ में से पाली शहर में प्रतिष्ठित श्री नवलखा पार्श्व नाथ जिनालय में रविवार को कई आयोजन हुए। सेठ नवलचंद सुप्रतचंद जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक(तपगच्छ) देव की पेढ़ी ट्रस्ट,के तत्वाधान में श्री नवलखा भक्ति मंडल के कुनाल सालेचा ने बताया कि श्री संघ के सभी श्रावक श्राविका द्वारा सुबह 7 बजे शान्ति स्नात्र महोत्सव किया। इसके बाद पक्षियों के लिए चुग्गा जीवदया, गोशाला में हरा चारा व गाय को गूड़ एवं अनुकम्पा दान भी किया। इसके साथ ही जन्म कल्याणक निमित्त जिनवाणी का श्रवण एवं उजवनी का कार्यक्रम हुआ। 108 से अधिक अट्ठम (तेल), 250 से अधिक आयम्बिल की तपस्या के साथ अलग-अलग तपस्चर्या भी श्री संघ में हुई। सुन्दर अंग रचना एवं रात्रि मे भक्ति भावना हुई। जिसमें सुप्रसिध संगीतकार विपुल भाई जैन ने पार्श्व नाथ प्रभु के एक से बढकर एक प्रस्तुति दी। इसमें नवलखा भक्ति मंडल के सदस्य सौरभ तलेसरा, कार्तिक सिंघवी, गर्वित छाजेड़, हर्षित भंडारी, मयंक सिरोया, रिषभ बलाई, भव्य जैन, सौम्य गदिया आदि का सहयोग किया।

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