पाली शहर में औद्योगिक प्रदूषण को लेकर एक बार फिर गंभीर मामला सामने आया है। मंडिया रोड स्थित ट्रीटमेंट प्लांट के पास मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण मंडल और नगर निगम की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से बिछाई गई पाइप लाइन को पकड़ा। यह नदी में करीब 01 km लंबी अवैध पाइप लाइन मिली। जिसकी मोटाई करीब 4 इंच है। पाइप लाइन कहा से निकल रही है इसको लेकर टीम जांच में जुटी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस पाइप लाइन के जरिए फैक्ट्रियों का बिना उपचारित (अनट्रीट) दूषित पानी सीधे बांडी नदी में छोड़ा जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर पाइप लाइन को चिह्नित किया और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं अवैध पाइप लाइनें गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पाली में इस तरह की अवैध गतिविधि सामने आई हो। इससे पहले प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में एक मकान से बांडी नदी तक बिछाई गई अवैध पाइप लाइन को पकड़ा था। इसके अलावा विकास नगर और इंडस्ट्रीज एरिया फेज-एक व फेज-दो में भी अवैध रूप से बिछाई गई पाइप लाइनों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार सामने आ रहे मामलों से यह स्पष्ट है कि कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर पर्यावरण और बांडी नदी को नुकसान पहुंचा रही हैं। मंत्री खर्रा के सामने भी उठाया था बांडी नदी के दूषित होने का मुद्दा सोमवार को पाली में आयोजित बैठक में प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा के समक्ष भी शहरवासियों ने फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी से बांडी नदी के प्रदूषित होने का मुद्दा उठाया था और स्थायी समाधान की मांग की थी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।


