पाली में 32 बीघा क्षेत्रफल में बन रहे 6 मंजिला 380 बेड का हॉस्पिटल का काम अपने अंतिम चरण में है। वर्ष 2025 में शहरवासियों को नए हॉस्पिटल की सुविधा मिलने शुरू हो जाएगी। इस हॉस्पिटल में सुपर स्पेशिएलिटी सुविधाएं होगी साथ ही हाइवे पर स्थित होने के कारण सड़क हादसों में घायल मरीजों को जल्द हॉस्पिटल लाया जा सकेगा। जिससे उनकी जान बच सकेगी। पाली शहर के सुमेरपुर रोड पर रामासिया गांव मेडिकल कॉलेज के पास राजमेस 32 बीघा में 380 बेड का 6 मंजिला नया हॉस्पिटल बन रहा है। राजमेस पहले 4 मंजिला हॉस्पिटल बना रहा था जिसके लिए 190 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया था। बाद में 35 करोड़ रुपए का अलग से बजट स्वीकृत किया है। इस भवन को छह मंजिला किया गया। गंभीर मरीजों के लिए अलग से होगी यूनिट
हॉस्पिटल में दो मंजिलों में 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू किया जाएगा। भवन में सुपर स्पेशिएलिटी में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी और गेस्ट्रोलॉजी की सुविधा अलग से शुरू होगी। बता दे कि जनवरी 2023 में इस नए हॉस्पिटल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जिसका काम इस वर्ष में पूरा होगा। 1 हजार मरीजों के बैठने के लिए बनेगा हॉल
शहर से 6 KM दूर मेडिकल कॉलेज के पास 380 बेड का नया हॉस्पिटल बनने के बाद बांगड़ हॉस्पिटल में गायनिक और पीडियाट्रिक विभाग यथावत रहेंगे। इसके अलावा शहर के मरीजों के लिए जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक, ईएनटी, दंत रोग विभाग की एक-एक यूनिट यहां यथावत रहेगी। मरीजों के बैठने के लिए इस नए हॉस्पिटल में एक हजार की क्षमता का सभागार तैयार करवाया गया है। यह रहेगी हॉस्पिटल की व्यवस्था
ग्राउंड फ्लोर पर मेडिसिन, सर्जरी, ऑप्थोमलोजी, ऑर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी पहले फ्लोर पर सुपर स्पेशियलिटी, माइक्रोबायलॉजी, पैथोलॉजी व बायो कैमिस्ट्री लेब और ड्रग स्टोर दूसरे व तीसरे फ्लोर पर मेडिसिन, सर्जरी, ऑप्थोमलोजी, ऑर्थोपेडिक होंगे। चौथे फ्लोर पर सर्जरी, कॉर्डियो, ईएनटी, ऑर्थो सहित सभी ऑपरेशन थिएटर होंगे। पांचवे और छठे फ्लोर पर 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट होगी। हर बेड पर एक नर्सिंग कर्मी की नियुक्ति की जाएगी, जो तीन-तीन घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे। हर बेड को अत्याधुनिक क्लीनिकल इक्यूपमेंट से लैस किया जाएगा। अब कार्डियो, न्यूरो, यूरो व गेस्ट्रो की सुविधा मरीजों को नए मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध होगी। इसके लिए नए हॉस्पिटल में मिलेगी। हर विभाग के लिए अलग-अलग ओटी तैयार करवाई गई है। क्रिटिकल केयर के लिए अस्पताल के ट्रोमा वार्ड में अलग से सुविधा शुरू की गई थी, लेकिन नए अस्पताल में पूर्ण सुविधा युक्त यूनिट तैयार होगी।


