पाली में श्री महासती सिणघारदे स्थल संघर्ष समिति के देखरेख में जिला कलेक्टर एलएल मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कहा कि पाली शहर के आदर्श नगर स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर परिसर और लोहिया की बगीची प्राचीन धरोहर है। जिसका ऐतिहासिक आधार करीब 1200 ईस्वी का है। यहां कई सांस्कृतिक, स्थापत्य, पुरातात्विक और ऐतिहासिक अवशेष मौजूद हैं, जिनका संरक्षण तत्काल आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में यहां अवैध निर्माण तथा मिट्टी के नीचे दबे प्राचीन चबूतरों और शिलालेखों को नुकसान पहुंच रहा है। इसलिए इसका संरक्षण किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उसके बाद वे आदर्श नगर स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर भी गए और दर्शन किए। ज्ञापन सौंप कर रही प्रमुख मांगें 1. इस सम्पूर्ण परिसर का विस्तृत पुरातात्विक सर्वेक्षण कराया जाए।
2. दबी हुई संरचनाओं, छतरियों, सती-चबूतरे और शिलालेखों की वैज्ञानिक खुदाई कराई जाए।
3. सभी अवैध निर्माण और क्षति पहुंचाने वाले कार्यों पर तत्काल रोक लगवाई जाए।
4. इस स्थल को लगभग 1200 ईस्वी की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संरक्षित घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
5. एक विशेषज्ञ पुरातत्व टीम को त्वरित निरीक्षण के लिए भेजा जाए।


