पाली शहर के जिला परिषद सभागार में मंगलवार दोपहर को वन विभाग राजसमंद व जोजावर रेंज की ओर से वन्यजीव सप्ताह (2 से 8 अक्टूबर) के तहत वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसमें राजसमंद की उपवन संरक्षक कस्तूरी प्रशांत ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। हमें कोई भी वन्यजीव नजर आए तो उसे हाथ लगाने से बचना चाहिए क्योंकि यह वन्यजीव और हमारे लिए दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। वायरस का पिटारा वन्यजीव
उन्होंने कहा कि जंगल में रहने वाले वन्यजीव सही मायनों में वायरस का पिटारा होते है। उन्हें हाथ लगाने से या उनके पास जाने से हमें बीमार पड़ सकते है। इसके साथ ही इंसान के हाथ वन्यजीव पर लगने पर उसे वापस जंगल में जाकर रहने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि हाथ लगाने से वन्यजीव की बॉडी पर हूमन सेंट लग जाता है। और जानवरों की सूंघने की शक्ति ज्यादा होती है। ऐसे में उन्हें जब रेस्क्यू कर जंगल में छोड़े गए वन्यजीव से हूमन सेंट की खुशबू आती है तो उसे अनजान समझकर उसके परिवार के सदस्य ही उसे अपने पास नहीं आते। ऐसे में अकेले वन्यजीव को जंगल में रहना, शिकार करना मुशिक्ल हो जाता है। जंगल घट रहे, इसलिए शहरी क्षेत्र में आ रहे जंगली जानवर
पाली डीएफओ बाला मुरगन ने कहा कि समय के साथ-साथ जंगल कम हो रहे है और आबादी बढ़ रही है। इसके चलते जंगली जानवर आबादी क्षेत्र तक पहुंच रहे है। उन्होंने कहा कि जंगल के आस-पास रहने वाले ग्रामीणों को चाहिए कि वे अलर्ट रहे और शाम ढलने के बाद या अलसुबह जंगल की तरफ अकेले जाने से बचे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वन्य जीव भोजन की तलाश में होने पर हमला करता है या डर के मारे हमला करता है। वर्कशॉप में मौजूद मीडियाकर्मियों से कहा कि वे कवरेज करते समय आदमखोर, खूंखार आदि शब्दों के प्रयोग से बचे। तथ्यात्मक वास्तविक, सूचना एवं जानकारी लोगों के बीच ना जाए जिससे किसी प्रकार की सनसनीखेज व फेक या ऐसी रील नही बने। जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बने। जंगली जानवरों के बारे में दी जानकारी
इस अवसर पर वन्यजीवों के विभिन्न प्रकार प्रजातियों के बारे में बताया। जिसमें भेडिया, भालू , तेन्दुआ, चीता, लपर्ड आदि के बारे में जानकारी दी गई। सांप कितने प्रकार के पाली-राजसमंद जिले में पाए जाते है इसके बारे में बताय। इस मौके वन विभाग तखतगढ़ एसीएफ प्रियवृतिसिंह, सुमेरपुर एसीएफ ऋषिराजसिंह, पाली एसीएफ शाहिल, आरओ विजेन्द्रसिंह डाबी, देसूरी आरओ अरविन्दसिंह, सादडी आरओ जितेन्द्रसिंह, फ्लाईंग इंचार्ज राजसमंद सत्यानंद गरासिया, वनपाल जोजावर तुलसीराम एवं समस्त स्टॉफ रैंज जोजावर, देसूरी, सादड़ी मौजूद रहे।


