अनूपपुर जिले के ग्राम रक्सा में बुधवार को एक पावर परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति को लेकर लोक सुनवाई आयोजित की गई। यह सुनवाई मैसेज न्यू जॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 1600 मेगावाट कोयला आधारित थर्मल पावर परियोजना के लिए हुई। लोक सुनवाई मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहडोल की देखरेख में संपन्न हुई। किसान ने उठाया मुआवजे का मुद्दा लोक सुनवाई के दौरान ग्राम रक्सा निवासी किसान राम सिंह राठौर ने मंच से अपनी समस्या रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने उनकी करीब साढ़े सात एकड़ जमीन ले ली है, लेकिन अब तक उसका मुआवजा उनके खाते में नहीं डाला गया है। उन्होंने बताया कि मुआवजे के लिए वे लगातार कंपनी और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी बोले- तुरंत समाधान करें कंपनी अधिकारियों ने मुआवजा न मिलने को लेकर अपनी सफाई देने की कोशिश की, लेकिन इस पर अपर कलेक्टर दिलीप कुमार पांडेय और एसडीएम कमलेश पुरी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कंपनी अधिकारियों से कहा कि बहाने बनाने के बजाय किसान की समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। दोबारा खेती शुरू करने की चेतावनी पीड़ित किसान राम सिंह राठौर ने कहा यदि 7 दिन के भीतर उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला, तो वे उसी जमीन पर दोबारा खेती शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि खेती के दौरान यदि उनके साथ कोई घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और कंपनी की होगी। 2006 में हुआ था जमीन अधिग्रहण जानकारी के अनुसार, मैसेज न्यू जॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2006 में 191 किसानों से करीब 776.78 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की थी। इसके बाद करीब 18 वर्षों तक न तो पावर प्लांट लगाया गया और न ही गांव से जुड़ी शर्तों का पालन किया गया। 2024 में फिर शुरू हुई प्रक्रिया वर्ष 2024 में कंपनी ने दोबारा पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान किसानों को प्रति एकड़ दोगुना मुआवजा देने की बात कही गई और जमीन के चारों ओर फेंसिंग का काम भी शुरू कर दिया गया। इस पूरे मामले ने प्रशासन और कंपनी दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि किसान की समस्या का समाधान तय समय में होता है या नहीं।


