अमृतसर| सेवा और समर्पण का पर्याय बन चुके पिंगलवाड़ा संस्थान ने लावारिस मरीज को मौत के मुंह से निकालकर उसके परिवार से मिलाया है। 16 नवंबर को मजीठा रोड पुलिस को सरकारी अस्पताल के बाहर दया राम (45) नामक व्यक्ति अत्यंत गंभीर और लावारिस हालत में मिला था। मरीज चलने-फिरने में पूरी तरह अक्षम था और उसके दोनों पैर बुरी तरह टूटे हुए थे। पुलिस की सूचना पर पिंगलवाड़ा संस्थान ने उसे तुरंत भर्ती किया और श्री गुरु नानक देव अस्पताल के ‘भगत पूरन सिंह वार्ड’ में उसका सफल ऑपरेशन करवाया। लंबी सेवा और इलाज के बाद जब दया राम की हालत में सुधार हुआ, तो उसने अपनी पहचान नेपाल (कैलाली) के निवासी के रूप में बताई। संस्थान के स्टाफ ने सूझबूझ दिखाते हुए वीडियो कॉल के जरिए उसके परिजनों से संपर्क किया। पहचान की पुष्टि होने पर परिजन अमृतसर पहुंचे और अपने खोए हुए सदस्य को ले गए।


