पिड़ावा में किसानों ने किया शक्ति प्रदर्शन:सम्मेलन में उमड़े हजारों लोग, रैली भी निकाली, नारों की रही गूंज

झालावाड़ जिले के पिड़ावा में भारतीय किसान संघ तहसील पिड़ावा का एक किसान सम्मेलन कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित किया गया। तहसील अध्यक्ष प्रहलाद सिंह हरनावदा (गजा) के नेतृत्व में हुए इस सम्मेलन में हजारों किसानों ने भाग लिया। सम्मेलन से पहले किसानों ने पिड़ावा शहर में एक विशाल रैली भी निकाली। इस रैली में किसानों की बैलगाड़ियां भी शामिल थीं, जो ग्रामीण जीवन का प्रतीक बनीं। रैली के दौरान “फसल हमारी, भाव तुम्हारा – नहीं चलेगा”, “देश के हम भंडार भरेंगे और कीमत पूरी लेंगे” और “राजनीति की तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रैली के समापन पर किसानों ने उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ‘आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे किसान’
जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर ने इस अवसर पर कहा कि किसानों ने कम भूमि में अधिक उत्पादन करके देश के अन्न भंडार भरे हैं। हालांकि, आज भी फसलों का मूल्य तय करने का अधिकार किसानों के पास नहीं है, जिसके कारण किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे हैं और नई पीढ़ी खेती से दूर होती जा रही है। प्रांत पशुपालन एवं डेयरी प्रमुख किशन पाटीदार ने बताया कि किसानों को न तो समय पर बिजली मिल रही है और न ही खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता हो पा रही है। उन्होंने कहा कि किसान एक बोरी यूरिया के लिए दिनभर भटकने को मजबूर हैं। सीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से बिजली की पर्याप्त आपूर्ति, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल बीमा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन, आपदा प्रबंधन राहत कोष से उचित मुआवजा और सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की मांग की। विशेष रूप से, पिड़ावा तहसील की 9 ग्राम पंचायतों के 56 गांव आज भी सिंचाई सुविधा से वंचित हैं।
भारतीय किसान संघ द्वारा चलाए जा रहे विस्तारक अभियान के तहत 17 ग्राम पंचायतों के 90 गांवों में पहुंचकर प्रत्येक गांव में 11 किसानों की ग्राम समिति का गठन किया गया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *