सिरोही के पिण्डवाड़ा में प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीणों ने पूर्व सीएम सलाहकार और सिरोही विधायक संयम लोढ़ा से मुलाकात की। शुक्रवार को पिण्डवाड़ा तहसील की चार ग्राम पंचायतों वाटेरा, भीमाना, भारजा और रोहिड़ा के प्रतिनिधिमंडल ने लोढ़ा को ज्ञापन सौंपकर परियोजना रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर को लगभग 800.9935 हेक्टेयर भूमि चूना पत्थर खनन के लिए आवंटित की गई है। इस भूमि में ग्रामीणों की निजी कृषि भूमि के साथ-साथ गांवों की गोचर भूमि भी शामिल है, जिस पर वे आपत्ति जता रहे हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान विधायक लोढ़ा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “मैं पूरी तरह ग्रामीणों के साथ हूं और इस जनविरोधी परियोजना को रुकवाने के लिए हर संभव मदद करूंगा।” ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें परियोजना की जानकारी तब मिली जब इसकी पर्यावरणीय जनसुनवाई का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद, 19 सितंबर को भीमाना ग्राम पंचायत में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लिखित और मौखिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जनसुनवाई को केवल औपचारिकता बनाकर बंद कमरे में पूरा करने का प्रयास किया। उनका यह भी कहना है कि संबंधित गांवों को इस जनसुनवाई की आधिकारिक सूचना तक नहीं दी गई थी। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में राजू जणवा (वाटेरा), खेताराम भील (उपसरपंच, वाटेरा), वेलाराम चौधरी (वाटेरा), कमलेश घांची (वाटेरा), पदमाराम घांची (वाटेरा), गजाराम घांची (वाटेरा), किशोर चौधरी (वाटेरा), बलवंत चौधरी (भारजा पंचायत समिति सदस्य), रामसिंह सिसोदिया (पूर्व उपसरपंच, रोहिड़ा), प्रवीण माली, अमित त्रिवेदी और कन्हैयालाल सहित कई ग्रामीण शामिल थे।


