पचेरीकलां पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिता की मृत्यु के बाद फर्जी जीवित प्रमाण पत्र लगाकर पेंशन हड़पने वाले आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने करीब 8 लाख 20 हजार 738 रुपए की पेंशन राशि का गबन किया। थानाधिकारी राजपाल यादव ने बताया कि आरोपी प्रदीप ने अपने पिता भगवान सिंह की मृत्यु के बाद उन्हें जीवित दर्शाते हुए पिछले तीन सालों तक पेंशन का लाभ उठाया। भगवान सिंह राजस्थान पुलिस में आरक्षी पद पर कार्यरत थे और उनका देहांत 24 सितंबर 2021 को हो गया था। यह मामला तब सामने आया जब 6 फरवरी 2025 को पुलिस थाना पचेरीकलां में एक रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदीप ने बैंक की मिलीभगत से फर्जी जीवित प्रमाण पत्र लगाकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पचेरीकलां शाखा में जमा होने वाली पेंशन राशि निकालनी जारी रखी। पुलिस ने इस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पिता के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए अनुसंधान के दौरान पुलिस ने बैंक और ट्रेजरी बुहाना से रिकॉर्ड प्राप्त किए। जांच में यह तथ्य प्रमाणित हुआ कि आरोपी प्रदीप ने जानबूझकर अपने पिता के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और तीन वर्षों तक धोखाधड़ी से पेंशन राशि प्राप्त की। इसके बाद थानाधिकारी राजपाल यादव के निर्देश पर आरोपी की तलाश के लिए एक टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साधनों और मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ के दौरान प्रदीप ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है ताकि इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य व्यक्तियों का पता लगाया जा सके।


