पिता के बजाय इंजीनियर बेटे को पकड़ने में नया मोड़:सुनवाई से एक दिन पहले याचिका वापस लेने के लिए अर्जी, वकील बोले- पुलिस को तो जवाब देना होगा

इंदौर में बेगुनाह इंजीनियर राजेंद्र दुबे उर्फ राजा को 30 घंटे तक हथकड़ी लगाकर थाने में रखने के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। 9 दिसंबर को हाईकोर्ट में पुलिस को रिपोर्ट पेश करनी है, लेकिन उससे एक दिन पहले ही याचिकाकर्ता की ओर से याचिका वापस लेने और वकील बदलने का आवेदन लगाया गया है। मामले को लेकर कानूनी हलचल तेज हो गई है। कल होने वाली सुनवाई में अदालत के समक्ष यह रखा जाएगा कि इस केस में संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है। याचिका वापस लेने के आवेदन के बाद भी सुनवाई में पुलिस को जवाब देना अनिवार्य माना जा रहा है। एडवोकेट बोले- पुलिस को रिपोर्ट देना अनिवार्य
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट नीरज सोनी ने बताया कि इंजीनियर राजेंद्र दुबे की याचिका पर दिए गए पूर्व आदेश का पालन करते हुए पुलिस को रिपोर्ट कोर्ट में पेश करना ही पड़ेगी। उन्होंने कहा कि वकील बदलने या याचिका वापस लेने की जानकारी उन्हें नहीं है। अब यह मामला राज्य सरकार और कोर्ट के निर्णय पर निर्भर होगा। हाईकोर्ट ने माना था मौलिक अधिकार का उल्लंघन
4 दिसंबर को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि चंदन नगर थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल का कृत्य नागरिक के मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। अदालत ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए थे कि संबंधित पुलिस कर्मियों पर आपराधिक केस दर्ज किया जाए। यह है पूरा मामला रियल एस्टेट कारोबारी संजय दुबे के खिलाफ चंदन नगर पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म का केस दर्ज किया है। इसके 14 दिन बाद भी पुलिस आरोपी को नहीं पकड़ पाई तो 26 नवंबर को पुलिस ने इंजीनियर राजा को सैलून से उठा लिया। उसे 30 घंटे थाने में बैठाकर रखा। इस दौरान उसे हथकड़ी भी लगाई, जबकि राजा का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। राजा को बगैर किसी अपराध थाने में बैठाने पर उनके साले आकाश तिवारी ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई। इसमें आरोप लगाया कि राजा के खिलाफ कोई केस नहीं है। इसके बावजूद उसे हथकड़ी लगाकर थाने में रखा गया। याचिका की सूचना मिलते ही पुलिस ने राजा को छोड़ दिया था। कोर्ट ने इस मामले में थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को 26 और 27 नवंबर के 30 घंटे के सीसीटीवी फुटेज के साथ कोर्ट में उपस्थित होने के लिए कहा था। 4 दिसंबर को थाना प्रभारी पटेल कोर्ट में उपस्थित तो हुए, लेकिन उन्होंने सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं किए थे। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता ने जो सबूत पेश किए, वह सच्चाई बताने के लिए पर्याप्त है। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से कहा था कि वे बताएं कि उन्होंने टीआई इंद्रमणि पटेल के खिलाफ क्या कार्रवाई की? ……………………… ये खबर भी पढ़िए… पिता की जगह बेटे को 30 घंटे हिरासत में रखा
इंदौर में चंदन नगर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पॉक्सो एक्ट केस में पुलिस ने आरोपी की जगह उसके इंजीनियर बेटे को थाने में 30 घंटे हिरासत में रखा और उसे हथकड़ी भी पहनाई। हैरानी की बात यह है कि रियल एस्टेट कारोबारी के इंजीनियर बेटे की इस केस में न कोई भूमिका है और न ही वह आरोपी है। मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने टीआई इंद्रमणि पटेल को उस अवधि के वीडियो फुटेज के साथ गुरुवार (4 दिसंबर) को तलब किया है। पढ़ें पूरी खबर…

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