जबलपुर में एक युवक ने 33 दिन बाद अपने पिता का शव कब्र से बाहर निकलवाया है। उसे आशंका है कि उसके पिता की मौत हार्ट अटैक से नहीं बल्कि हत्या हुई है। युवक की शिकायत पर पुलिस ने एसडीएम से अनुमति लेने के बाद शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। मामला कु़ंडम के मेहगांव पौड़ी का है। 6 मार्च को यहां रहने वाले भूरा सिंह (55) की मौत के बाद उसके शव को परिवार और ग्रामीणों ने दफना दिया था। इसी दिन भूरा सिंह का अपने छोटे भाई भाग राम सिंह (51) के साथ घर के बाहर बाड़ी लगाने को लेकर विवाद हुआ था। बहस के दौरान बड़े भाई तेज सिंह ने दोनों को अलग करवाया। कुछ ही देर बाद फिर से भूरा सिंह और भाग राम का विवाद होने लगा। विवाद के थोड़ी देर बाद घर के बाहर भूरा सिंह जमीन पर पड़ा हुआ मिला। बड़े भाई तेज सिंह ने तुरंत गांव के लोगों को बुलाया, लेकिन तब तक भूरा सिंह की मौत हो चुकी थी। शव दफनाने के बाद बेटे को मिली पिता की मौत की खबर
तेज सिंह ने बताया, घर के सामने बाड़ी को लेकर विवाद हुआ था। भूरा सिंह बाड़ी में मकान बनवाना चाहता था। भाग राम सिंह जमीन पर अपना हक बताता है। इसी को लेकर दोनों भाइयों में विवाद हुआ था। 6 मार्च को भूरा सिंह की मौत के बाद उसकी पत्नी की मौजूदगी में शव को जमीन में दफना दिया था। इसके बाद भूरा सिंह के बेटे मनोज सिंह को पिता की मौत की जानकारी दी। 10 दिन बाद गुजरात से वापस कुंडम लौटे मनोज सिंह ने जब गांव वालों से जानकारी जुटाई, तो पता चला की घटना वाले दिन उसके चाचा भाग राम सिंह के साथ पिता का विवाद हुआ था। मनोज सिंह ने आशंका जताई है कि उसके पिता की मौत हार्ट अटैक से नहीं बल्कि चाचा भाग राम सिंह के मारने पर हुई है। बेटे ने कहा- पिता कभी बीमार नहीं रहे, अटैक नहीं आ सकता
8 अप्रैल को मनोज सिंह ने कुंडम थाने में जाकर इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। मनोज सिंह ने लिखित में शिकायत देते हुए अपने चाचा भाग राम सिंह को पिता की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। मनोज सिंह का कहना है कि उसके पिता कभी बीमार नहीं रहे। ऐसे में अचानक ही उन्हें हार्ट अटैक नहीं आ सकता। निश्चित रूप से उनकी हत्या की गई है। मनोज सिंह की शिकायत के बाद पुलिस ने एसडीएम से जमीन में दफनाए गए शव को बाहर निकलवाने की अनुमति मांगी थी। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में हो रहा पोस्टमॉर्टम
बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मेहगांव पौड़ी गांव की जमीन से भूरा सिंह के शव को बाहर निकलवाया गया। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भूरा सिंह का पीएम कराया जा रहा है। कुंडम थाना प्रभारी अनूप नामदेव का कहना है कि पीएम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भूरा सिंह की मौत हार्ट अटैक से हुई है या फिर किसी ने उसकी हत्या की है।


