पिता बोले-बेटी की शादी तय थी, दरिंदा उठा ले गया:मेरठ में 30 घंटे बाद उठी दलित महिला की अर्थी; अखिलेश ने 2 लाख दिए

मेरठ में दलित महिला की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा करने के मामले ने शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने महिला के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। आरोपी कंपाउंडर की गिरफ्तारी और लड़की की सकुशल बरामदगी तक अर्थी न उठाने पर अड़ गए। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान और भाजपा नेता संगीत सोम पीड़ित के गांव कपसाड़ पहुंचे। अतुल प्रधान और उनके समर्थकों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। अतुल प्रधान गांव के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब ढाई घंटे बाद प्रशासन ने अतुल प्रधान को परिवार से मिलने की अनुमति दी। उन्होंने लगभग एक घंटे तक पीड़ित परिवार से बातचीत की। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की। उन्होंने 3 लाख देने की घोषणा की है। अतुल प्रधान ने तत्काल 2 लाख का चेक सौंपा है। गांव में 10 थानों की पुलिस, RAF और PAC तैनात है। शाम को प्रशासनिक अधिकारी एक बार फिर पहुंचे और मृतका के पति सत्येंद्र को पंचायत भवन लेकर आए। परिवार ने उनके सामने 4 मांगें रखी। लड़की के पिता ने कहा- बेटी शादी तय हो चुकी थी। दरिंदों ने सब बर्बाद कर दिया। वहीं, भाई ने बहन की जान को खतरा बताया है। प्रशासन ने पिता को 10 लाख रुपए का चेक दिया है। बाकी डिमांड को जल्द पूरा करने का भरोसा दिया है। करीब 30 घंटे बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ। शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया है। देखिए घटना से जुड़ी तस्वीरें… भाई को अनहोनी की आशंका, अप्रैल में शादी होनी थी अब पूरा मामला समझ लीजिए…
दरअसल, कल यानी गुरुवार को लड़की मां के साथ खेत की ओर जा रही थी। रास्ते में पारस ने लड़की से छेड़छाड़ की। मां ने इसका विरोध किया तो युवक ने गाली-गलौज कर फरसे से हमला कर उनकी हत्या कर दी और लड़की को अगवा कर ले गया। अभी तक लड़की का कुछ पता नहीं चल सका है। खबर से जुड़ी हर अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग पढ़िए…

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