खंडवा में फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले युवक की आत्महत्या मामले में पिता ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। पंचायत विभाग में इंस्पेक्टर के पद से रिटायर पिता का कहना है कि बेटे ने ससुराल वालों से प्रताड़ित होकर यह कदम उठाया था। पुलिस को कई सबूत भी दिए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। पिता का कहना है कि बेटे को न्याय दिलाने पुलिस थाने से लेकर एसपी कार्यालय में आवेदन दिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। पत्नी पर प्रताड़ित करने का आरोप
रमा कॉलोनी निवासी दुर्गाप्रसाद धारसे ने बताया कि उनका बेटा गौरव धारसे 20 सितंबर 2025 को अपने भांजे नगीन बडौदे के साथ पारिवारिक कारणों से छनेरा गया था। वहां वह छनेरा पॉलिटेक्निक कॉलेज के आवासीय क्वार्टर में अपनी पत्नी नेहा धारसे से मिलने रुका था। परिजनों के अनुसार, उसी रात गौरव के साथ उसकी पत्नी नेहा, सास वर्षा रणसुरमा, मामा सुनील भोरगा (निवासी खंडवा) और चंद्र भोरगा (निवासी छनेरा) द्वारा मारपीट, अभद्रता और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिजनों का आरोप है कि 21 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे गौरव अपने घर रमा कॉलोनी लौटा। वह मानसिक रूप से बेहद परेशान नजर आ रहा था। शाम करीब 6.30 बजे परिजनों ने उसे कमरे में पंखे से लटका हुआ पाया। रस्सी काटकर नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के पिता ने बताया कि विवाह के बाद से ही पत्नी नेहा द्वारा आए दिन विवाद किया जाता था। तीन माह पूर्व डिलीवरी के बाद नेहा अपने मायके भोपाल चली गई थी। वहीं से पारिवारिक तनाव लगातार बना हुआ था। पिता बोले- पुलिस को कई सबूत दिए, जांच तक नहीं की
पिता दुर्गाप्रसाद धारसे ने कहा कि बेटे के सुसाइड के बाद पुलिस को कई सबूत दिए लेकिन पुलिस ने ससुरालवालों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आशंका जताई है कि आत्महत्या से पहले ससुराल पक्ष को घटना की जानकारी पहले से थी। साथ ही मृतक की चार माह की बेटी ससुराल पक्ष के पास है, जिसकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। ससुरालवालों को बेटे की मौत का जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की मांग की है।


