नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में मंगलवार रात को गौ-तस्करी की आशंका में हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक निराश्रित गोवंश से भरा ट्रक पकड़ा। ट्रक में 19 गौवंश भरे थे। इस बीच ट्रक में बैठे साधु बोधानंद गिरी ने गोवंश को छिंदवाड़ा गोशाला ले जाना बताया। इसके बाद कार्यकर्ता ट्रक को लेकर मंगलवारा थाने लाए, जहां से जांच के बाद रात 12 बजे ट्रक को छोड़ा गया। जानकारी के अनुसार, जिले के पिपरिया से मंगलवार रात को गोवंश से भरा ट्रक निकला। इस दौरान हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी लगी तो सभी ने एकत्रित होकर ट्रक रोका। ट्रक में 19 गौवंश भरे मिले। पूछताछ करने पर ट्रक में बैठे साधु बोधानंद गिरी ने बताया कि वह सारे गोवंश पालने के लिए छिंदवाड़ा की सीता डोंगरी गोशाला ले जा रहे है। उन्होंने बताया कि रायसेन जिले के उदयपुर की कैलकच्छ में बड़ी मात्रा में आवारा गौवंश किसानों की फसलों को खराब कर रहे थे। फसलों में हो रहे नुकसान से बचने के लिए किसानों ने ही इन 19 गौवंश को छिंदवाड़ा जिले की सीताडोंगरी की गौशाला भिजवाया है। वह खुद गोशाला संचालित करते है, उनकी देखरेख से दूध, मावा, दही का कुछ हिस्सा आश्रम को मिल जाता है। ट्रक को मंगलवारा थाने लाए, जांच के बाद छोड़ा इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने उनकी नहीं सुनी और ट्रक को सीधे मंगलवारा थाना ले आएं, जहां पुलिस के हवाले कर दिया। विहिप को शक था की गोवंश को कत्ल खाने ले जाया जा रहा है।इसके बाद थाने में जांच करने पर रात 12 बजे गौवंश से भरा ट्रक छोड़ दिया गया। सरपंच-सचिव की अनुमति का लेटर मिला ट्रक में उदयपुरा तहसील की पंचायत कैलकच्छ के सरपंच, सचिव, ग्राम कोटवार और अन्य ग्रामीणों की अनुमति वाला एक लेटर मिला। जिसमें सड़कों पर घूमने वाले आवारा 19 गौवंश को कैलकच्छ से छिंदवाड़ा की गोशाला ले जाने के संबंध में जानकारी थी। लेटर पर उदयपुरा तहसीलदार की सील-साइन भी थी।


