भास्कर न्यूज |पबिया झिलुवा पंचायत के पिपलाटांड़ गांव में आदिवासी समाज ने पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ बाहा पर्व मनाया। जाहेर थान पर साल वृक्ष की पूजा कर प्रकृति से आशीर्वाद लिए और जल होली खेलकर खुशियां मनाईं। बाहा पर्व संथाल आदिवासियों का प्रमुख त्योहार है। साल वृक्ष में नए फूल आने पर यह पर्व मनाया जाता है। इस दौरान सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की जाती है। यह पर्व पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक एकता को भी बढ़ावा देता है। बुजुर्गों के अनुसार, यह परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती आ रही है। फाल्गुन और चैत्र महीने में जब साल वृक्ष पर नए फूल खिलते हैं, तब यह पर्व मनाया जाता है। साल वृक्ष की पूजा और सामूहिक भोज गांव के नाइकी विमल मरांडी और प्रधान रमेश मरांडी ने साल वृक्ष की पूजा कर अनुष्ठान संपन्न कराया। गॉडेत शरण टुडू, कुड़ाम नाइकी बबलू मुर्मू, मागिया मरांडी, मनोज मरांडी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। पूजा के बाद सामूहिक भोज हुआ, ग्रामीणों ने बताया कि यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। इस दौरान साल वृक्षों को संरक्षित करने का संकल्प लिया गया। बाहा पर्व के दौरान पारंपरिक जल होली खेली गई। ग्रामीणों ने प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी लेकर एक-दूसरे पर डाले। यह परंपरा समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करती है।


