हिमांशी राठौड़ | पाली यह जिले के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल का पीआईसीयू है। जहां गंभीर हालत वाले बच्चे भर्ती हैं। 12 बेड वाले इस पीआईसीयू में एक बच्चा वेंटिलेटर पर है। ये बच्चे उमस भरी गर्मी में तप रहे हैं। क्योंकि यहां 4 महीने से एसी खराब पड़ा है। चूंकि सेंट्रलाइज एसी कैंपस है इसलिए पंखे, कूलर पहले से नहीं हैं। हालत इतनी खराब है कि हर बेड पर बैठे मां-बाप बीमार बच्चों को कागज या पंखी से हवा कर रहे हैं। कोई सिरहाने बैठकर एक्स-रे रिपोर्ट से हवा कर रहा है। चार महीने से एसी खराब होने के बाद भी अब तक किसी ने यह समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। परिजनों ने बताया कि जब से बच्चे को यहां भर्ती किया है तब से आज एसी बंद है। यहां इतनी गर्मी और उमस है कि सांस लेना मुश्किल हो रहा। केस 1 : गोविंद नाम के इस बच्चे को जहरीले सांप ने काट लिया था। हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया है। मां रोते हुए हाथ से पंखी चला रही है। कहने लगी-मेरा बच्चा बच जाए, बाकी कुछ नहीं चाहिए। केस 2 : राजू बंजारा ने बताया कि मेरा 6 महीने का बेटा न्यूमोनिया से पीड़ित है। पांच दिन पहले भर्ती कराया था। मैं और पत्नी बारी-बारी से पंखी से हवा करते हैं। हवा रुकते ही मच्छर काटने लगते हैं। बच्चा उचक रहा है। केस 3 : शाहीन अपने 9 महीने के छोटे बच्चे के पास बैठी थी। आंखों में नींद, चेहरा थकान से भरा, पर हाथ लगातार चल रहे थे। कभी एक्स-रे रिपोर्ट से, कभी पुराने कागज से बच्चे को हवा कर रही थी।


