पीएचई की गोपनीय रिपोर्ट में खुलासा, अफसर दबा रहे:ग्वालियर में 27 स्थानों के पानी में मिले बैक्टीरिया, अंतिम जांच को भेजे सैंपल

नगर निगम के दायरे में सीवर युक्त पानी घरों के अंदर पहुंचने के प्रमाण मिले हैं। जनता और पार्षदों की बात को नकारने वाले अफसरों ने निगम की प्रयोगशाला के अंदर पानी के सैंपल के टैस्ट में 27 स्थानों पर 33 तरह के बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली है। लैब के अंदर जांच में अकेले वार्ड 12 लाइन नंबर 3 में सप्लाई हो रहे पानी में ही 33 तरह के बैक्टीरिया ट्रेस हुए हैं। अब निगम के अफसरों ने पेयजल के 27 सैंपल जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला पीएचई (एनएबीएल द्वारा अधिकृत) को बैक्टीरियला जांच के लिए भेजे हैं। निगम ने इंदौर की घटना के बाद पानी के सैंपलों की जांच तेजी से कराना शुरू कर दी है। अधिकांश सैंपलों की रिपोर्ट ‘ओके’ बताकर अफसर खुश हो रहे हैं। जबकि सच्चाई उन बैक्टीरिया टेस्ट के पीछे छिपी रही, जो जल प्रदाय विभाग के अफसर सामने नहीं ला रहे थे। निगम की लैब में पानी की जांच में बैक्टीरिया का पता चलते ही सैंपल को गुपचुप तरीके से एनएबीएल की प्रयोगशाला में भेज रहे हैं। कांच की बोतल के अलावा प्लास्टिक की बोतल तक में पानी का सैंपल जांच के लिए पहुंचा रहे है। निगम आयुक्त संघ प्रिय का कहना है पानी में बैक्टीरिया की जांच के लिए अभी तक एनएबीएल लैब में 18 सैंपल भेजे जा चुके हैं। मेरी जानकारी में अभी तक कोई बैक्टीरिया के सैंपल फेल नहीं हुए है। डिटेल जानकारी कार्यपालन यंत्री से बात कर ली जाएगी। निगम के पीएचई विभाग की रिपोर्ट देखिए कहां-कितने बैक्टीरिया (नगर निगम के पीएचई विभाग की लैब में पानी की जांच के बाद तैयार की गई रिपोर्ट के आंकड़े) जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) में जांच के लिए पानी के सैंपल देता निगमकर्मी। भास्कर टीम पहुंची NABL लैब… पानी के 3 सैंपल मिले
दैनिक भास्कर की टीम मंगलवार दोपहर में जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला पीएचई थाटीपुर पहुंची। यहां निगम का एक कर्मचारी कांच की तीन बोतल में सैंपल लेकर बैक्टीरिया की जांच कराने मौजूद था। इनमें वार्ड-44 का खुर्जे वाला मोहल्ला, वार्ड-30 शास्त्री भवन, वार्ड-59 का 1 सैंपल शामिल था। जल प्रदाय विभाग: इंजीनियर ने यहां से लिए पेयजल सैंपल
निगम के जल प्रदाय विभाग के इंजीनियर और पंप ऑपरेटरों ने महावीर चौक, गड्ढे वाला मोहल्ला, लाइन नंबर-3 बोरिंग, खेड़ापति काॅलोनी, लक्ष्मीबाई काॅलोनी मकान-73 और 75, मरीमाता महलगांव में मंगल और भोगराम का मकान, वार्ड-45 में सोनी जी वाली गली, तारागंज सकले का बाड़ा, आदर्श काॅलोनी आदि से सैंपल लिए। निगम ने पानी में बैक्टीरिया की जांच को 27 सैंपल भेजे हैं अभी तक नगर निगम की तरफ से पानी के 27 सैंपल भेजे जा चुके हैं। उनमें बैक्टीरिया सहित अन्य जांच करना है। रिपोर्ट आने में एक-दो दिन लग जाते हैं। -डीपी सिंह, प्रभारी जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला एक्सपर्ट – प्रो. राजीव जैन सेवानिवृत कुलगुरु, पांडिचेरी सेंट्रल यूनिवर्सिटी एमपीएन और फीकल कॉलीफार्म टेस्ट जरूरी
बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए एमपीएन और फीकल कॉलीफार्म टेस्ट लगाया जाता है। एनपीएन टेस्ट से पता चलता है कि पानी में कितनी तरह के बैक्टीरिया, कितनी संख्या में हैं। वहीं फीकल कॉलीफार्म के टेस्ट से ई-कोलाई, एनटिरोबैक्टर और इरबीनिया की जानकारी मिलती है। इनसे पानी काफी दूषित हो जाता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *