भास्कर न्यूज | जालंधर साइबर अपराधी इतने शातिर हो चुके हैं कि अब वे उन लोगों को भी अपना शिकार बना रहे हैं जो बैंकिंग प्रणाली की रग-रग से वाकिफ हैं। जैन कॉलोनी रोज पार्क में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पीएनबी से बतौर मैनेजर रिटायर्ड हुए एक अधिकारी साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें पीएनबी एक्स-एम्प्लॉई क्रेडिट कार्ड का लालच देकर उनके विभिन्न बैंक खातों से लगभग 11.68 लाख रुपए की राशि निकाल ली। साइबर को दी शिकायत में सयम जैन ने बताया कि उनके नाना जी फरीदाबाद से उनके पास रहने के लिए आए हुए थे। 15 सितंबर 2025 को उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें लिखा था, पीएनबी एक्स-एम्प्लॉई क्रेडिट कार्ड: लाइफटाइम फ्री, अनलिमिटेड एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, बेस्ट ऑफर्स अभी अप्लाई करें। चूंकि नाना रविंदर कुमार जैन खुद उसी बैंक से रिटायर्ड थे, इसलिए उन्होंने विज्ञापन पर भरोसा कर अप्लाई नाउ पर क्लिक कर दिया। इसके तुरंत बाद उन्हें मोबाइल नंबर 81000-53524 से कॉल आया। कॉलर ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते हुए उनके खाते की जानकारी मांगी और क्रेडिट कार्ड लिंक करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। मुकेश चौधरी, साइबर एक्सपर्ट ठगों ने रविंदर जैन को एक व्हाट्सएप नंबर (62899-44324) से पीएनबी पीएफ वेरिफिकेशन नाम की एक एपीके फाइल भेजी। जैसे ही उन्होंने उस फाइल पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन कुछ समय के लिए हैक हो गया और स्क्रीन ने काम करना बंद कर दिया। इसी दौरान ठगों ने उनके फोन का रिमोट एक्सेस लेकर उनके बैंक खातों और व्यक्तिगत जानकारी ली। जब फोन दोबारा चालू हुआ, तो ठगों ने उन्हें बातों में उलझाए रखा और कहा कि प्रक्रिया जारी है, जल्द ही कार्ड उनके घर के पते पर भेज दिया जाएगा। लेकिन असल में उनके खातों को खाली किया जा रहा था। 16 सितंबर को क खातों को चेक किया तो ठगों ने न केवल उनके सेविंग अकाउंट से पैसे निकाले, बल्कि उनके फिक्स्ड डिपॉजिट के खिलाफ ओवरड्राफ्ट लोन भी ले लिया। ठगों ने एफडी से 6 लाख रुपए का लोन लेकर उसे खाते में जमा कराया और तुरंत निकाल लिया। इसके बाद उनके बचत खाते से 2.40 लाख रुपए नेफ्ट के जरिए ट्रांसफर भी करवा लिए। अंततः आरटीजीएस और ओवरड्राफ्ट अकाउंट के जरिए 4 लाख रुपए की और रकम निकाल ली गई। कुल मिलाकर ठगों ने 11,68,100 रुपए की चपत लगाई। सेविंग अकाउंट से पैसे निकाले, एफडी के बल पर ओवरड्राफ्ट लोन भी लिया अनजान लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें, विशेषकर वे जो बैंक कर्मचारी या रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए विशेष लाभ का दावा करते हों। पुलिस अब उन खातों की पहचान करने में जुटी है जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है।


