पीएम आवास योजना ग्रामीण:50 हजार से ज्यादा केसीसी की लिमिट वाले किसान पीएम आवास के दायरे से बाहर होंगे, 10 तरह के पात्रता मापदंड

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए एक बार फिर ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय ने पोर्टल खोला है। साथ ही वंचित पात्र परिवारों का सर्वेक्षण कराने के लिए सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायत द्वारा सर्वेक्षण कर्ताओं का पंजीकरण आवास प्लस 2024 मोबाइल एप्लीकेशन पर अपलोड किए जाएंगे। इसके अलावा आवास 2024 मोबाइल एप्लीकेशन में पात्र परिवार खुद भी सर्वेक्षण अपलोड कर सकेंगे। आवेदन के लिए दस तरह के नियम तय किए गए हैं। किसी किसान की केसीसी लिमिट 50 हजार से ज्यादा है तो वह अपात्र श्रेणी में आएगा। इसके लिए जिला एवं पंचायत समिति स्तर पर नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। समस्त कार्यवाही निर्धारित समयावधि 31 मार्च तक पूरी करनी होगी। धानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए निर्धारित मापदंड पूरा करने वाला पात्र व्यक्ति स्वयं के मोबाइल से आवेदन कर सकता है। इसके लिए सर्वे का मोबाईल एप डाउनलोड करने के लिए https://pmayg.nic.in/infoapp.html लिंक पर जाकर आवास प्लस 2024 सर्वे मोबाइल एप डाउनलोड/इंस्टॉल करना सकते हैं। लिंक के जरिए खोले गए पेज पर सर्वे-2024 से संबंधित सभी जानकारी, जैसे मार्ग दर्शिका, रिपोर्ट एप पर उपलब्ध है। लाभार्थी को स्वयं के एंड्राइड मोबाइल फोन में आवास प्लस 2024 सर्वे व आधार फेस आईडी एप डाउनलोड करके इंस्टाल करना होगा। एक मोबाइल फोन से एक ही सर्वे किया जा सकेगा। सर्वे के लिए लाभार्थी का आधार नम्बर जरूरी है। आधार बेस्ड फेस केवाईसी होगी। सर्वे के दौरान आधार कार्ड, जॉब कार्ड, बैंक खाता पासबुक अपने पास रखना होगा। 10 शर्तों में से एक में भी अयोग्य, तो हो जाएंगे योजना से बाहर जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए विभाग ने 10 मापदंड तय किए हैं। मोटर चलित तिपहिया/चौपहिया वाहन होने पर, मेकेनाइज्ड तिपहिया/चौपहिया वाहन कृषि उपकरण होने पर, किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 50 हजार या उससे अधिक होने पर, परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी होने पर, परिवार के गैर कृषि उद्यमों का सरकार के साथ पंजीकृत होने, परिवार के किसी भी सदस्य की आय रुपए 15 हजार प्रति माह से अधिक होने, आयकरदाता होने, व्यावसायिक करदाता होने, स्वयं की 2.5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि होने, स्वयं की 5 एकड़ या अधिक असिंचित भूमि होने पर इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। 2017-18 के सर्वे में जो नाम जुड़े थे वे लगभग कंप्लीट हो चुके हैं। इसलिए अब दोबारा सर्वे कराया जा रहा है।

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