पीएम आवास योजना में रिश्वत लेने वाले सचिव को सजा:3 साल जेल; छतरपुर में 4 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था

छतरपुर की विशेष न्यायाधीश (लोकायुक्त) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त जारी करने के एवज में 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए ग्राम पंचायत कदारी के सचिव भरत वर्मा को 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन कार्यालय के अनुसार, यह मामला 18 मार्च 2019 का है। जगत यादव ने लोकायुक्त एसपी सागर से शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत कदारी के सचिव भरत वर्मा उनसे 5 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं। यादव ने बताया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका आवास स्वीकृत हुआ था, जिसके लिए 1 लाख 50 हजार रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी। उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपए मिल चुके थे, लेकिन शेष 30 हजार रुपए की किस्त खाते में डालने के लिए सचिव वर्मा 5 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। लोकायुक्त पुलिस ने 18 मार्च 2019 को रिश्वत मांगने संबंधी बातचीत को वॉयस रिकॉर्डर में रिकॉर्ड किया। बातचीत के दौरान सचिव ने 5 हजार रुपए की मांग की और 1 हजार रुपए ले लिए। उन्होंने बाकी 4 हजार रुपए लेकर आने को कहा। अगले दिन, 19 मार्च 2019 को, लोकायुक्त दल ने छतरपुर में चौबे नर्सिंग होम के पास सचिव भरत वर्मा को रंगे हाथों पकड़ा। उनके पेंट की दाहिनी जेब से जगत यादव से ली गई 4 हजार रुपए की रिश्वत बरामद की गई। रिश्वत लेने के बाद सचिव भरत वर्मा के दोनों हाथों की उंगलियों को सोडियम कार्बोनेट के घोल में धुलवाने पर घोल का रंग हल्का गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। विवेचना और अभियोजन स्वीकृति के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की ओर से एडीपीओ अभिषेक मेहरोत्रा ने पैरवी करते हुए मामले से संबंधित सभी सबूत और गवाह न्यायालय में पेश किए। विचारण के बाद, विशेष न्यायाधीश लोकायुक्त आशीष श्रीवास्तव, छतरपुर के न्यायालय ने आरोपी सचिव भरत वर्मा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत दोषी पाया। उन्हें 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

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