सुधीर सिंह | पाटन पाटन प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय सिक्की कला को वर्ष 2011-12 में स्तरोन्नतर उच्च विद्यालय का दर्जा दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2023 में इसे पीएम श्री स्कूल के रूप में भी मान्यता मिली। बावजूद इसके, विद्यालय आज तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। विद्यालय में 800 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से कक्षा 1 से 8 तक 442 बच्चे, जबकि कक्षा 9 और 10 में 358 विद्यार्थी पढ़ते हैं। लेकिन बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त डेस्क-बेंच तक उपलब्ध नहीं है। प्राथमिक कक्षा के बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं, जबकि उच्च कक्षा के बच्चे पुराने डेस्क-बेंच पर जैसे-तैसे गुजारा कर रहे हैं। विद्यालय की चहारदीवारी अब तक नहीं बनी है, जिससे बच्चे स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं। एकमात्र जलमीनार से 500 से अधिक बच्चे पानी पीते हैं। वहीं, शौचालय की स्थिति भी जर्जर है, जो खासकर छात्राओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। विद्यालय के प्रभारी प्रिंसिपल रामसुंदर कुजूर ने बताया कि कई बार विभाग को डेस्क-बेंच, बाउंड्री वॉल और शौचालय निर्माण के लिए लिखित सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को देखते हुए इन बुनियादी सुविधाओं की जल्द से जल्द व्यवस्था की जाए। इस संबंध में मुखिया छोटू सिंह ने कहा िक सिक्की कला विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या बहुत अधिक है, लेकिन सुविधाएं अत्यंत ही दयनीय हैं। मैंने कई बार अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया है। मैं विभाग से मांग करता हूं कि बच्चों के हित में अविलंब डेस्क-बेंच, शौचालय और चारदीवारी की व्यवस्था की जाए।


