कमरे में मोबाइल छुपाकर पुष्पेंद्र ने मेरा और पति का अश्लील वीडियो बना लिया। फिर बोला जैसे पति के साथ रहती हो, वैसे मेरे साथ रहो। संबंध बनाओ। मना करने पर वीडियो वायरल कर दी। दरोगा उल्टा हमसे सबूत मांगने लगा। उसने जबरन राजीनामा पर साइन करा लिए तो पति ने गुस्से में थाने के अंदर ही जहर खा लिया। पहले बदनामी हुई, फिर इंसाफ नहीं मिला और अब मेरे पति जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहे हैं। बताइये मेरी क्या गलती थी… ये कहते हुए 32 साल की पीड़िता रोने लगती है। 4 दिन पहले उसने शाहजहांपुर थाने में पुष्पेंद्र अहिरवार के खिलाफ शिकायत दी थी। मगर पुलिस शिकायत को दबाकर बैठी रही। रविवार को दरोगा जबरन राजीनामा कराने लगा। तब पति ने थाने में ही जहर खा लिया। अभी उसकी हालत नाजुक है। उसे मेडिकल कॉलेज में एडमिट करवाया गया है। जहर खाने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अब पढ़िए, पीड़िता की जुबानी, उसके दर्द की कहानी महिला की अनुपस्थिति में कमरे पर आता था आरोपी पीड़िता ने बताया- 9 माह पहले पति और बच्चों के साथ कूलर फैक्ट्री में काम करने राजस्थान के अलवर गई थी। वहां किराए के कमरे में रहती थी। गांव का पुष्पेंद्र उर्फ छोटू पहले से ही फैक्ट्री में काम कर रहा था। गांव की वजह से एक-दूसरे के कमरे पर आना-जाना था। मगर, पुष्पेंद्र की हरकतें शुरू से ही मुझे पसंद नहीं थी। मैं दिन में ड्यूटी जाती थी, जबकि पुष्पेंद्र रात में काम करता था। दिन में बच्चे कमरे पर रहते थे तो वो आकर शराब पीता और बच्चों से गलत बातें करता था। जब बच्चों ने बताया तो हमने पुष्पेंद्र को समझाया। कमरे में मोबाइल छुपाकर बनाया वीडियो पीड़िता ने आगे बताया पुष्पेंद्र बहुत शातिर दिमाग का था। उसने एक दिन कमरे में मोबाइल छुपाकर रख दिया और कैमरा चालू कर करके मेरी और पति की अश्लील वीडियो बना ली। उसमें पति को काट दिया। फिर वो मुझे ब्लैकमेल करने लगा। वो बोला कि मैं वीडियो वायरल कर दूंगा, नहीं तो संबंध बनाओ। जैसे पति के साथ रहती हो, वैसे मेरे साथ रहो। मैंने मना कर दिया। कुछ दिन पहले ही मुझे वीडियो का पता चला। तब मैं पति और बच्चों के साथ 19 दिसंबर को गांव आ गई। यहां आई तो आराेपी ने गांव की एक महिला के जरिए वीडियो वायरल कर दिया। मेरे देवर को भी वीडियो भेज दिया। 4 दिन पहले थाने में शिकायत दी पीड़िता ने बताया कि वीडियो वायरल होने पर 19 दिसंबर को ही शाहजहांपुर थाने में जाकर शिकायत दी। पुलिस ने कार्रवाई करने की बात कही, मगर कुछ नहीं हुआ। शनिवार को पुलिस आरोपी को पकड़कर थाने ले गई। रविवार को हम लोगों को बुलाया। दरोगा हमसे सबूत मांगने लगे। देवर ने मोबाइल देखा तो वीडियो डिलीट हो चुका था। आरोप है कि दरोगा ने आरोपी के मोबाइल से भी वीडियो डिलीट करा दिया। महिला का कहना है कि गलती उसकी है और मुझसे सबूत मांगे जा रहे हैं। हम कहां से सबूत लाकर दें। जब पुलिस ने आरोपी को पकड़ा तो उसने खुद कबूला कि वीडियो बनाकर वायरल की। स्टाम्प पर जबरन साइन कराए पीड़िता का कहना है कि रविवार को हम लोगों को थाने बुलाया और बोले कि राजीनामा करो। हमने कहा कि हम लोग राजीनामा नहीं करेंगे। हमको इंसाफ चाहिए। तो कहने लगे कि इंसाफ कैसे होता है, जब तुम्हारे पास सबूत नहीं है तो हम कहां से इंसाफ दिलाएंगे। राजीनामा करो। जबरदस्ती स्टाम्प पर रख दिया और साइन करा लिए। तब पति ने गुस्से में आकर थाने के अंदर दरोगा के सामने जहर पी लिया। बाद में मुकदमा लिख दिया। हमारी मांग है कि इंसाफ दिलाया जाए। आरोपी की एक बेटी, पत्नी प्रेग्नेंट आरोपी पुष्पेंद्र की एक बेटी है, जबकि पत्नी प्रेग्नेंट है। वह भी पति के साथ अलवर में रहती थी। मगर 25 दिन पहले वह गांव आ गई थी। पीड़िता ने कहा कि वीडियो के बारे में आरोपी के घरवालों को उलहाना दिया तो बोले कि दारू पीकर बना ली और वायरल कर दी। अब महिलाएं तरह तरह की बातें कर रही हैं। इससे पूरे गांव में बदनामी हो रही है। थाने के बाहर खाया जहर शाहजहांपुर के थाना प्रभारी साजेश कुमार का कहना है कि रविवार को ही दंपत्ती थाने आए और शिकायत दी। इस पर केस दर्ज करके आरोपी को हिरासत में ले लिया था। बाद में पति ने जहर खाया और थाने में आकर बताया तो तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया गया। पूरे मामले की जांच की जा रही है।


