प्रदेश में निशुल्क दवा योजना में दी जाने वाली अकेली सीरप डेक्सामेथोरोफेन हाइड्रोक्लोराइड (बच्चों के खांसी होने पर दी जाती है) की सप्लाई पर बीते दिनों लगे प्रतिबंध के बाद जिले के पीपलू के सामुदायिक अस्पताल में खांसी के रोगियों के लिए अब भी संकट खड़ा है। चिकित्साकर्मियों के अनुसार, बड़ों की दी जाने वाली खांसी की सीरप तो उपलब्ध है, जबकि बच्चों को दी जाने वाली सीरप अस्पताल में निशुल्क दवा योजना के तहत उपलब्ध नहीं है। इसके चलते अभिभावकों को ये सीरप बाजार में सौ रुपए तक देकर खरीदनी पड़ रही है। उल्लेखनीय है कि सरकार की ओर से डेक्सामेथोरोफेन सीरप की सप्लाई का टेंडर किया हुआ था। उक्त दवा के सेवन से बच्चों की मौत के बाद सभी बैच पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से बच्चों की सीरप अस्पताल में आनी बंद हो गई, जबकि बड़ों के काम आने वाली सीरप अस्पताल में उपलब्ध बताई जा रही है। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में अभी रोजाना 50 से अधिक बड़े और 25 से 30 बच्चे खांसी की दवा लेने आ रहे हैं। अस्पताल में बच्चों की खांसी की दवा उपलब्ध नहीं है। मालपुरा के जिला अस्पताल में ओपीडी 600 से अधिक है। इनमें सर्दी, खांसी और जुकाम के रोगियों की संख्या 450 से अधिक हैं। अस्पतालों में ओपीडी की संख्या सामान्य से 10-20% अधिक हो रही है। पीएमओ डॉ. पिशुष सिंह ने बताया कि सर्दी के मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण फैलते हैं। जिससे सर्दी-जुकाम बढ़ जाता है। यदि लक्षण 3-4 दिनों से अधिक रहें, तो डॉक्टर से परामर्श लें। आशाराम, कैलाश आदि अभिभावकों ने बताया कि सर्दी और खांसी के कारण दवा लेने अस्पताल पहुंचते है तो खांसी की सिरप मुहैया नहीं कराई जा रही। उन्हें सर्दी और बुखार से संबंधित दवाएं तो डीडीसी सेंटर पर मिल गई लेकिन खांसी की दवा खत्म थी। उसने बाहर से 85 रुपए में खरीदी। दूसरी ओर पीपलू चिकित्सा प्रभारी कमलेश कुमार ने बताया कि बैन लगाए जाने के बाद से अस्पताल में बच्चों की खांसी की सीरप उपलब्ध नहीं है। आपूर्ति के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा है। गौरतलब है कि इस सर्दी के मौसम में बच्चों में निमोनिया व खांसी की शिकायत ज्यादा आ रही । इसलिए अभिभावक अपने नौनिहालों का विशेष ध्यान रखते हुए समय पर दवाएं उपलब्ध करवाएं। इलाके में अभी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। अभी सर्दी बढ़ना शुरू होगी और न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा। उस दौरान सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीज वर्तमान से चार गुना तक बढ़ेंगे। हालांकि जिले के सआदत अस्पताल व अन्य उप जिला अस्पताल में खांसी की सभी प्रकार की सीरप उपलब्ध है। चिकित्साकर्मियों ने बताया कि एम्ब्रोसोल, टरब्यूटालिन, गुइफेनेसिन कॉम्बिनेशन साल्ट वाली सीरप तो खरीदी जा रही है। हॉस्पिटल में भीड़ आ रही है।


