पीबीएम अस्पताल का मामला:कैंसर वार्ड में मरीज को गलत खून चढ़ाने का मामला; दो रे​जिडेन्ट डॉक्टरों सहित पांच कर्मचारियों को हटाया

आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर रिसर्च सेंटर के वार्ड में महिला को गलत खून चढ़ाने के मामले में दोषी पाए जाने पर दो रेजिडेंट डॉक्टरों सहित पाँच कर्मचारियों को हटा कर दूसरे स्थान पर लगा दिया गया है। कैंसर वार्ड में ड्यूटी ऑफ़ कर जाने वाले और ड्यूटी पर आने वाले दोनों रेजिडेंट डॉक्टरों को दोषी माना है। उन्हें कैंसर डिटेक्शन वैन में लगा दिया गया है। आगामी कार्यवाही करने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग को लिखा गया है। एसपी मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ मीटिंग करने के बाद पीबीएम हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए कई फैसले किए हैं। कैंसर सेंटर के दो रेजिडेंट डॉक्टरों की जिम्मेदारी तय की है। इसके साथ ही वार्ड में उस रात ड्यूटी पर कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर को हटा दिया गया है। इसी प्रकार ब्लड बैंक में दूसरे ग्रुप का ब्लड देने के दोषी एक नर्सिंग ऑफिसर और एक प्रयोगशाला सहायक को भी हटा कर दूसरी जगह लगा दिया गया है। अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य की अध्यक्षता में गठित कमेटी से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है। राज्य सरकार को इस मामले की एक फैक्चुअल रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है। डॉ. वर्मा ने बताया कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन के प्रोटोकॉल फ्लैक्स पर प्रिंट करवाए जा रहे हैं। उन्हें कैंसर, मेडिसिन, सर्जरी सहित सभी विभागों में लगाया जाएगा ताकि दोबारा ऐसी गलती ना हो। ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग को भी चेताया गया है। डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के ड्रेस कोड पर रहेगी नजर पीबीएम हॉस्पिटल में ओपीडी समय के बाद इमरजेंसी और वार्डों में डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ ड्रेस कोड में नहीं आते। इसे देखते हुए अधीक्षक डॉ. बीसी घीया ने शुक्रवार को विभिन्न ब्लॉक के नोडल अधिकारी सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की मीटिंग ली। उन्हें 24 घंटे हॉस्पिटल का राउंड लेने के निर्देश दिए हैं। ड्रेस कोड में नहीं मिलने वाले डॉक्टर और नर्सिंग ऑफिसर की शिकायत तत्काल उनके यूनिट हेड और एचओडी से करने को कहा है। महिला को दोबारा चढ़ेगा ब्लड, बोनमैरो की जांच होगी: कैंसर वार्ड में भर्ती बुजुर्ग महिला भंवरी देवी (75) अब बिल्कुल ठीक है। हीमोग्लोबिन कम होने के कारण उनके दोबारा ब्लड चढ़ाया जाएगा। उसके बाद बोनमैरो की जांच की जाएगी। मंगलवार रात को गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ाने से भंवरी देवी की तबीयत बिगड़ गई थी। महिला का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। “गलत ब्लड चढ़ाने के मामले में लापरवाही बरतने वाले दोनों डॉक्टर और कर्मचारियों को हटा दिया गया है। सभी एचओडी से भी कहा है ऐसे मामलों में प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। सरकार को मामले की फैक्चुअल रिपोर्ट भेजी जा रही है।” -डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा, प्रिंसिपल, एस.पी.एम.सी. “हॉस्पिटल में डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ को ड्रेस कोड में आना होगा। नोडल ऑफिसर लगातार उन पर नजर रखेंगे। नियम का उल्लंघन करने वालों के फोटो वीडियो मुझे भेजे जाएंगे, जिस पर एक्शन होगा।” -डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल

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