प्रदेश के सरकारी अस्पताल, शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को नए साल में 8750 नर्सिंग ऑफिसर्स मिल जाएंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय ने इसके लिए ऑन लाइन विकल्प 30 दिसंबर तक मांगे हैं। इससे बीकानेर में भी रिक्त 797 पद भर जाएंगे। प्रदेश के सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम की भर्ती के बाद जीएनएम के भी सभी रिक्त पदों को भरने की तैयारी अब अंतिम दौर में है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय ने 23 दिसंबर को एक आदेश जारी कर वरीयता सूची में चयनित सभी अभ्यर्थियों से पदस्थापन के लिए ऑन लाइन विकल्प 30 दिसंबर तक भरने को कहा है। नियुक्ति और पदस्थापन की कार्यवाही राज हेल्थ पोर्टल के जरिए होगी। चिकित्सा विभाग के अनुसार जिले में नर्सिंग ऑफिसर के कुल 1770 में से 974 पद भरे हुए हैं, जबकि 797 पद खाली पड़े हैं। पीबीएम हॉस्पिटल में 728 में से 491 पद भरे हुए हैं तथा 237 खाली पड़े हैं। इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग ऑफिसर के 562 पदों में से 300 भरे हुए हैं तथा 262 पद खाली पड़े हैं। राजस्थान नर्सेज यूनियन के पूर्व जिला अध्यक्ष अब्दुल वाहिद ने बताया कि नए साल में जीएनएम के सभी रिक्त पद भरने की उम्मीद है। निदेशालय ने विकल्प मांग लिए हैं। सभी पद भरने के बाद भी नर्सेज की जरूरत पीबीएम में रहेगी। इसके लिए यूटीबी का कार्यकाल बढ़ाया जाना जरूरी है। 483 यूटीबी को हटाने की तैयारी : जीएनएम के पद भरने से पहले ही पीबीएम हॉस्पिटल सहित जिले में कार्यरत 483 यूटीबी हट जाएंगे। इनका कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। कार्यकाल बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। इसके लिए यूटीबी पिछले कई दिनों से आंदोलन पर हैं। काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र गोदारा ने बताया कि 26 दिसंबर से गेट मीटिंग का दौर शुरू हो जाएगा। पदस्थापन के लिए चयनित अभ्यर्थियों से 30 तक ऑनलाइन मांगे विकल्प, यूटीबी के 483 नर्सिंग ऑफिसर्स का कार्यकाल 31 को समाप्त मेडिकल कॉलेज और पीबीएम हॉस्पिटल में नर्सिंग ऑफिसर्स के सभी खाली पद भरने के बाद भी नर्सिंग ऑफिसर की कमी रहेगी। दरअसल पीबीएम हॉस्पिटल में बेड की संख्या तीन हजार से अधिक हो गई है। इसके अनुपात में नर्सिंग ऑफिसर काफी कम हैं। प्रशासन ने 2008 और 2013 के बाद नए पद सृजित करने के लिए प्रस्ताव ही नहीं भेजे। कॉलेज प्रिंसिपल की ओर से हाल ही में बीएफसी के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।


