पीलू क्षेत्र से जुड़े सामाजिक एवं जनहित के मुद्दों को लेकर जिला कलेक्टर के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें घुमन्तु जाति के परिवारों को आबादी भूमि का पट्टा दिलाने, चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और संस्थान संचालन के लिए भूखंड परिसर उपलब्ध कराने की मांग की गई। ज्ञापन में ग्राम पंचायत पीलू क्षेत्र के घुमन्तु जाति (बंजारा समाज) के परिवारों का जिक्र किया गया। बताया गया कि ये परिवार लगभग 50 वर्षों से चरनोट भूमि पर रह रहे हैं। वर्तमान में इस भूमि पर 250 से 300 कच्चे एवं पक्के मकान बने हुए हैं। ज्ञापन में कहा गया कि राजस्थान सरकार द्वारा घुमन्तु जाति के परिवारों को पट्टे देने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसलिए खसरा संख्या 1154 एवं 1156 की भूमि को आबादी भूमि घोषित कर, जहां जो परिवार निवासरत हैं, उन्हें वहीं पट्टे प्रदान किए जाएं। दूसरे ज्ञापन में ग्राम पंचायत पीलू की चारागाह भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा उठाया गया। इसमें बताया गया कि कुछ लोगों ने चारागाह भूमि पर पक्के निर्माण कर कब्जा कर लिया है, जिससे पशुओं के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो रही है। ज्ञापन में प्रशासन से चारागाह भूमि को शीघ्र अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई। साथ ही, सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए स्थायी भूखंड परिसर उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया।


