गुमला में दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं ने पूरे इलाके को दहला दिया। पुआल के ढेर में लगी आग की चपेट में आकर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। पहली घटना कामडारा थाना क्षेत्र के सरिता गांव में हुई। जहां डेढ़ वर्षीय नमन लुगून पुआल में खेलते-खेलते अचानक लगी आग की चपेट में आ गया। बताया गया कि नमन पुआल के ढेर में लेटा था। पास में कुछ अन्य बच्चे खेल रहे थे। खेल-खेल में बच्चों ने माचिस जलाई और अनजाने में पुआल में आग लगा दी। आग फैलते ही सभी बच्चे वहां से भाग गए, लेकिन नमन निकल नहीं सका और आग की लपटों में घिर गया। ग्रामीणों ने आग बुझाई और घायल नमन को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वह 90% झुलस चुका था। गुमला सदर अस्पताल से उसे रिम्स रांची रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बिलिंगबीरा गांव में बच्ची की मौत दूसरी घटना पालकोट थाना क्षेत्र के बिलिंगबीरा गांव में सामने आई। यहां एक साल नौ माह की शोभा कुमारी पुआल के ढेर के पास खेल रही थी। शोभा की मां शारदा देवी मड़वा काटने खेत गई थीं। घर के पास मौजूद बच्चे खेलते समय पुआल में आग लगा बैठे। देखते ही देखते आग फैल गई। शोभा उसकी चपेट में आ गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की। जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक शोभा बुरी तरह झुलस चुकी थी। उसे भी गुमला सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां से डॉक्टरों ने तुरंत रिम्स रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। दो मासूमों की मौत से गांवों में मातम एक ही दिन हुई इन दो घटनाओं के बाद सरिता और बिलिंगबीरा गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूमों की मौत से ग्रामीण भी सदमे में हैं। दोनों मामलों में लापरवाही और आग के प्रति जागरूकता की कमी को वजह माना जा रहा है। पुआल के ढेर के पास बच्चों का खेलना ग्रामीण इलाकों में सामान्य बात है, लेकिन इसी लापरवाही ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं।


