डीडवाना में किसानों का दल राष्ट्रीय प्याज एवं लहसुन अनुसंधान केंद्र, पुणे में सात दिवसीय प्रशिक्षण लेकर शुक्रवार को वापस लौटा। प्रशिक्षण में किसानों को प्याज की वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीज उत्पादन, रोग व कीट प्रबंधन और भंडारण तकनीकों की गहन जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने कराया व्यावहारिक प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने किसानों को नवीनतम शोध आधारित कृषि तकनीकों से अवगत कराया। केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रदर्शन भी करवाए गए। किसानों ने प्याज उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की और समस्याओं के समाधान के व्यावहारिक उपाय सीखे। बीज और प्रशस्ति पत्र मिले प्रशिक्षण संस्थान की ओर से प्रत्येक किसान को 3 किलो उन्नत किस्म का प्याज बीज और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इससे किसानों में उत्साह देखा गया। लौटकर आए किसान अब अपने क्षेत्र के अन्य कृषकों को भी सीखी हुई तकनीकों का लाभ पहुंचाएंगे। इससे उत्पादन बढ़ाने और फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। जिले में बढ़ेगा प्याज उत्पादन जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने विश्वास जताया कि ऐसे उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों से किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाएंगे। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि जिले में प्याज उत्पादन को नई दिशा मिलेगी।


