पुराने बर्तन खरीदकर खुद गाड़ देता था तांत्रिक:शिकार को बताता था गड़ा धन मिला है; पीड़ित बोला- लौंग खिलाकर मदहोश कर देता था

सागर में गड़ा धन निकालने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाला तांत्रिक और आरोपी देवी सिंह रजक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ और जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। किसी को गड़ा धन निकालने के दौरान शक न हो, इसलिए आरोपी मोतीनगर थाना क्षेत्र के मछरयाई इलाके से एक कबाड़ी की दुकान से पीतल-कांसे के पुराने बर्तन (घड़ा) खरीदता था। जिन्हें वह अपने साथियों के साथ मिलकर रात के अंधेरे में जमीन में गाड़ देता था। वहीं, झांसे में फंसे व्यक्ति के सामने खुदाई कर उसी घड़े को बाहर निकालकर चमत्कार बताता था। ऐसा ही एक पुराना बर्तन (घड़ा) पुलिस ने आरोपी के घर से जब्त किया है। इसके अलावा उसके घर से कुछ दवाइयां भी बरामद हुई हैं। संदेह है कि आरोपी इन्हीं दवाइयों को प्रसाद में मिलाकर लोगों को खिलाता था। जिससे वह बदहवास हो जाते थे और जैसा आरोपी बोलता था, वैसा करते थे। मामले में पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी देवी सिंह रजक निवासी पथरिया जाट को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ आए अन्य शिकायती आवेदनों की भी जांच की जा रही है। अब तक आरोपी देवी सिंह पर दो मामले दर्ज हो चुके हैं। अन्य शिकायतों पर भी पुलिस मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है। अब पढ़िए गड़े धन के नाम पर ठगी की कहानी… लौंग खाते ही सिर चकराया, सुध-बुध खो बैठा
फरियादी दीपेश पिता गनेश प्रसाद सेन निवासी वल्लभ नगर ने सिविल लाइन थाने में शिकायती आवेदन दिया। इसमें उसने बताया कि वह एमपीईबी में ठेकेदारी करता था। वर्तमान में सिंधी कैंप में चाट का ठेला लगाता है। पिकअप वाहन बिजली कंपनी में लगा था। कुछ समय पहले वाहन को बाहर कर दिया गया। इस कारण आर्थिक रूप से परेशान था। जान पहचान वाले ऋषभ रजक को मैंने सारी परेशानी बताई। ऋषभ ने मुझसे कहा कि मैं तुम्हें एक व्यक्ति से मिलवाता हूं जो तुम्हारी सारी परेशानी हल कर देगा। उसने मुझे देवी सिंह रजक से उसके घर में दिसंबर 2023 में मिलवाया। उसे मैंने पैसों की तंगी बताई और कोई हल पूछा। जिसके बाद उसने मुझे 4 लौंग दी। कहने लगा कि एक लौंग तत्काल खा लो। उसी समय मैंने एक लौंग खा ली। जिससे मेरा सिर चकराने लगा और शरीर सुस्त पड़ गया। मैं सुध-बुध खोने लगा। देवी सिंह मुझसे जैसा बोल रहा था मैंने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया। उसने बताया कि उसके बेटे कृष्णा रजक को कजरी लगती है। जिससे गड़े धन का पता कर लेते हैं। प्रसाद में मिठाई खाने को दी, तीनों मदहोश हुए
गनेश ने कहा- जनवरी 2024 में रात करीब 9 बजे देवी सिंह रजक और उसके बेटे ने मुझे, मेरे मित्र दिनेश पटेल, गंगा अहिरवार को खुरई रोड पर प्रसाद में मिठाई खाने को दी, उसे खाकर हम तीनों मदहोश से हो गए। हम लोगों से जैसा बोला जा रहा था, हम वैसा करते जा रहे थे। तब देवी सिंह और कृष्णा रजक ने हमसे खाली पड़े प्लॉट में गड्‌ढा खुदवाया। जिसमें से पीले रंग की धातु की गुंड निकली जो पूरी तरह से एक ढक्कन से बंद थी। देवी सिंह और कृष्णा वह गुंड अपने घर ले गए। उनके साथ मैं भी गया था। मुझसे देवी सिंह ने गुंड निकालने की एवज और पूजा पाठ के नाम पर सोने-चांदी के जेवर और करीब 5.40 लाख रुपए फुटकर-फुटकर ले लिए। फरियादी बोला- गाड़ी बेचकर दिए रुपए
फरियादी ने बताया कि आरोपियों को पैसे मैंने अपना पिकअप वाहन बेचकर दिए थे। देवी सिंह ने बोला कि गुंड अपने घर ले जाओ, लेकिन खोलना नहीं। इसी बीच वो कहने लगा कि अभी मुझे वैष्णो देवी दर्शन के लिए जाना है। मैं दर्शन करने के बाद आकर दो बर्तन निकालकर तुम्हारी सारी समस्याएं हल कर दूंगा। लेकिन वह झांसा देता रहा। गड़ा धन निकालने का लालच देकर उसने 10.95 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। इसी शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने 29 अक्टूबर 2024 को आरोपी देवी सिंह पिता लीलाधर रजक (38) और उसके बेटे कृष्णा रजक (18) निवासी पथरिया जाट के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। ये केस दर्ज होने के बाद आरोपी देवी सिंह के खिलाफ लगातार पुलिस में शिकायत पहुंच रही है। करीब 18 शिकायतें पुलिस के पास पहुंच चुकी हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है। प्रकरण दर्ज होने के बाद आरोपी देवी सिंह परिवार के साथ फरार हो गया था। मुंबई, भोपाल, विदिशा में काटी फरारी
धोखाधड़ी का मामला उजागर होने और केस दर्ज होने के बाद आरोपी देवी सिंह रजक, बेटा कृष्णा रजक परिवार के साथ फरार हो गया। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गईं। आरोपी बेहद शातिर है। वह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था और न ही रिश्तेदारों के घर गया। उसने मुंबई, भोपाल और विदिशा में फरारी काटी। इसी बीच देवी सिंह को फरियादी दीपेश सेन की शिकायत पर दर्ज मामले में हाई कोर्ट से जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद वह सागर लौट आया। तभी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लोधीपुरा निवासी यशवंत पुत्र कंछेदी पटेल की शिकायत पर दर्ज मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बोला- मुझे झूठा फंसाया जा रहा
पूछताछ के दौरान आरोपी देवी सिंह रजक ने पुलिस को गुमराह किया। उसने न तो पत्नी और बेटे के संबंध में कोई जानकारी दी और न ही अपना मोबाइल बताया। उसका कहना था कि मोबाइल कहीं गिर गया है। वहीं परिवार के लोगों से बात नहीं हुई है। हालांकि पुलिस जांच के दौरान आरोपी को उसके घर लेकर पहुंची, जहां एक घड़ा, दवाइयां और पूजन सामग्री मिली। जांच में पुराना घड़ा और कुछ दवाइयां मिली
मामले की जांच करते हुए पुलिस आरोपी के पथरिया जाट स्थित मकान पर पहुंची। यहां एक पुराना घड़ा और कुछ दवाइयां मिली हैं। इसके अलावा घर में पूजा का स्थान भी बना मिला। इस दौरान पथरिया में आरोपी के नवनिर्मित आलीशान मकान के दस्तावेज नहीं मिले। आरोपी ने कहा कि मकान की रजिस्ट्री चोरी हो गई है। आरोपी की कार भी पुलिस को नहीं मिली है। घर में सिर्फ एक नंबर प्लेट मिली है। आरोपी देवी सिंह रजक कैसे बना तांत्रिक
देवी सिंह रजक (38) मध्यमवर्गीय परिवार का लड़का है। लोग बताते हैं कि देवी सिंह शुरू से ही पूजा-पाठ करता था। उसके दादा भी पीलिया झाड़ते थे। करीब 6 से 7 साल पहले वह सिविल लाइन मार्ग पर पानी पूरी और फास्ट फूड की दुकान लगाता था। कोरोना काल के बाद उसने पथरिया में ओजस्विनी कॉलेज के सामने किराए से दुकान लेकर फास्ट फूड की दुकान शुरू की। कुछ समय दुकान चलाई। इसके बाद अचानक से देवी सिंह ने एक कॉलोनी में आलीशान मकान बनवाया। कार खरीदी। उसका रहन-सहन बदल गया। यह देख गांव के लोग भी हैरान थे। गुर्गों की मदद से लोगों को झांसे में लेता था
धोखाधड़ी के खेल में आरोपी देवी सिंह रजक का उसके कुछ परिचित भी साथ देते थे। वह शहर में आर्थिक तंगी और अन्य समस्याओं से परेशान लोगों को चिंहित करते थे। उन्हें वह देवी के बारे में बताकर गुणगान करते थे। झांसे में फंसने के बाद उक्त व्यक्ति को घर ले जाकर मिलवाते थे। जिसके बाद आरोपी अपना जाल फैलता था। बाकी शिकायतों की भी जांच कर रही पुलिस
एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि गड़ा धन निकालने का लालच देकर धोखाधड़ी करने के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। फरारी के दौरान वह मध्यप्रदेश के साथ ही पड़ोसी राज्यों में भी गया था। उससे पूछताछ की गई है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की पड़ताल की जा रही है। साथ ही अन्य शिकायती आवेदनों पर भी जांच चल रही है। इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सागर में खुदाई कर निकाला पीतल का बर्तन
सागर में गड़ा धन निकालने का लालच देकर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। फरियादी ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायती आवेदन सौंपा है। जिसमें 51 ग्राम सोना और 23.92 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप देवीसिंह रजक और कृष्णा रजक समेत अन्य पर लगाए हैं। पूरी खबर पढ़ें… आरोपी पिता-पुत्र की अग्रिम जमानत खारिज
सागर में गड़ा धन निकालने का लालच देकर लोगों से लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी पिता-पुत्र की कोर्ट ने आज (मंगलवार) अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। फरियादी समेत शिकायतकर्ता ने कोर्ट में आरोपियों की जमानत पर आपत्ति लगाई थी। पूरी खबर पढ़ें…

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