पुलिस अभिरक्षा में महंत विजयराम दास द्वारा आत्महत्या करने के बाद महिला थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। रायसेन में दुष्कर्म के आरोप लगने के बाद महंत विजयराम दास को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया था, जहां महंत विजयराम दास ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद एसपी पंकज कुमार पाण्डेय ने महंत की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर महिला थाना टीआई अपाला सिंह समेत दिलीप भदोरिया, रणविजय सिंह, महेंद्र सिंह राजपूत और कॉन्स्टेबल संजय शाक्य को निलंबित कर दिया है। उन्हें पुलिस लाइन में अटैच किया गया है। अनुयाई बोले- ‘जमीन विवाद के चलते लगाया झूठा केस’ दुष्कर्म के आरोपी महंत विजयराम दास की मंगलवार को मौत के बाद बुधवार शाम को नर्मदा के केलकच्छ घाट पर सन्यासी परंपरा के अनुसार जलसमाधि दी गई। अंतिम संस्कार से पहले महंत के अनुयाइयों और परिजनों ने विरोध किया। परिजनों ने महंत की हत्या का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। पुलिस अभिरक्षा में मौत के बाद उनके शिष्यों द्वारा लगातार इस मौत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। महंत के अनुयाइयों का कहना है कि जमीन के विवाद के चलते उन पर झूठा केस लगाया गया और फिर पुलिस हिरासत में हत्या कर दी गयी। नर्मदा के केलकच्छ घाट पर अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर 2 बजे महंत विजयराम दास के पार्थिव शरीर को मां नर्मदा घाट ग्राम कैलकच्छ में जल समाधि देना तय हुआ था। जिसकी पूरी तैयारी भी हो चुकी थी, इसी बीच उनके परिजन और शिष्यों के साथ-साथ ग्राम कैलकच्छ और ग्राम चौका मेहंगवा के लोगों ने न्याय की मांग करते हुए अंतिम संस्कार नहीं करने दिया। मौके पर एसडीएम संतोष मुद्गल, एसडीओपी सुरेश दामले, सिलवानी एसडीओपी ने आक्रोशित लोगों को समझाया जिसके बाद शाम 6 बजे महंत को जलसमाधि दी गई।


