भास्कर न्यूज | अमृतसर अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने अपने कार्यालय में पुलिस अधिकारियों और नशा मुक्ति मोर्चा के वॉलंटियर्स के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पुलिस विभाग नशे की लत को जड़ से खत्म करने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ड्रग तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनके आर्थिक ढांचे को तोड़ने के लिए उनकी गैर-कानूनी संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई भी बड़े स्तर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य तस्करों को कानून के हवाले करना है, लेकिन साथ ही उन युवाओं को बचाना भी है जो अनजाने में इस जाल में फंस गए हैं। पुलिस विभाग ऐसे युवाओं को मोटिवेट कर नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवा रहा है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। मीटिंग के दौरान उन्होंने नशा मुक्ति मोर्चा के वॉलंटियर्स से नशा मुक्ति अभियान में और ज्यादा एक्टिव भूमिका निभाने और लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट करने को कहा। मीटिंग के दौरान नशा मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष दीक्षित धवन ने कहा कि नशे के खिलाफ जंग के दूसरे चरण के तहत पंजाब सरकार नशे की बीमारी के खिलाफ लोगों का आंदोलन बनाने के लिए हर गांव और शहर में पैदल मार्च निकाल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गांव के चौकीदार के नाम से यह अभियान शुरू किया है, साथ ही एक फोन नंबर 98991-00002 भी जारी किया है, जिस पर लोग मिस्ड कॉल देकर गांव के चौकीदार के तौर पर अपनी भूमिका निभा सकेंगे। धवन ने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए ऐप के जरिए लोग अपने इलाके में नशा तस्करों के बारे में जानकारी भी शेयर कर सकते हैं और यह जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। धवन ने कहा कि नशा मुक्ति मोर्चा के सदस्य लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे ड्रग्स के खिलाफ इस जंग में पूरे जोश के साथ हिस्सा लें, ताकि युवाओं को बचाया जा सके।


