सिणधरी थाना क्षेत्र के कौशलू गांव में आबकारी विभाग की नीलामी में ठेका लेने से नाराज पूर्व ठेकेदार के दहशतगर्दों के तोड़फोड़ व मारपीट करने के मामले में पुलिस ने इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की भनक लगने पर आरोपी चार दिन तक भागता रहा, लेकिन टीम ने 1200 किमी. पीछा कर आरोपी को दबोच लिया। मामले में चार आरोपियों को पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। कौशलू गांव स्थित सरकारी शराब का ठेका पूर्व में ठेकेदार भानाराम पोटलिया पुत्र हुकमाराम निवासी खारिया खुर्द चला रहा था। वर्ष 2024 में शराब दुकानों के आवंटन के दौरान भानाराम ने जान बूझकर अवैध रूप से शराब विक्रय करने की नीयत से न तो स्वयं ने दुकान दी और डरा-धमकाकर दूसरे ठेकेदारों को भी दुकान नहीं लेने दी। इस पर आबकारी विभाग ने 7 माह बाद कड़ी मशक्कत के बाद नए शराब ठेकेदार को बोली पर दुकान का आवंटन किया। इसे भगाने के लिए दुकान खुलने के तीन दिन बाद ही भानाराम ने अपने 8-10 साथियों के साथ शराब ठेके पर हमला कर दहशत फैलाई। स्टाफ के साथ मारपीट व तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी से मौके से फरार हो गए। घटना को लेकर सिणधरी थाना में दर्ज रिपोर्ट पर थानाधिकारी सुरेश सारण मय टीम ने मामला दर्ज कर वारदात में शरीक दो आरोपियों को पकड़ा, लेकिन मुख्य आरोपी भानाराम पोटलिया सहित वारदात में मुख्य भूमिका अदा करने वाले शेष आरोपी पकड़ में नहीं आए। करीब एक माह बाद उसी तरीके से घटना को अंजाम देकर कानून व्यवस्था को चुनौती दी गई। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर मुख्य आरोपियों पर ईनाम की घोषणा कर टीम गठित की। इस दौरान टीम ने लगातार चार दिन तक 1200 किलोमीटर पीछा कर 5 हजार के इनामी आरोपी ओमप्रकाश उर्फ ओमाराम सियाग पुत्र रामकृष्ण निवासी लाखाणी गोदारों की ढाणी, निम्बलकोट राजगढ़ को मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले से पकड़ा।


