पुलिस की जादूगरी:25 से 31 दिसंबर के बीच रोज औसतन 10 मुकदमे, कई दिन तो पूरे जिले में एक भी केस नहीं

दिसंबर अंत में कोर्ट, स्कूलों के साथ अपराधी भी सर्दियों की छुटि्टयों पर चले जाते हैं। इससे क्राइम का ग्राफ एकदम से नीचे गिर जाता है। जनवरी की शुरुआत के साथ ही वे वापस लौटते हैं और आपराधिक मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। चौंकिए मत, यह हकीकत नहीं, बल्कि पुलिस का अपना कमाल है। ऐसा हम नहीं, पुलिस में दर्ज मुकदमों के आंकड़े बता रहे हैं। दिसंबर अंत में 25 से 31 तारीख तक रोजाना औसतन 10 मुकदमे ही दर्ज हो रहे हैं। इनमें एक-दो दिन तो ऐसे भी रहते हैं, जिनमें एक भी केस दर्ज नहीं होता है। ऐसे में साल के अन्य महीनों की तुलना में दिसंबर में दर्ज होने वाले मामलों में 90% तक गिरावट आ जाती है। इसका कारण यह है कि पुलिस सालभर के पेंडिंग मामलों का निपटारा करने में लगी रहती है। दिसंबर में आए मामलों को जनवरी में ही दर्ज कर किया जाएगा। ताकि, नए मामलों की वजह से पेंडेंसी में बढ़ोतरी न हो। ऐसे में दिसंबर आखिरी में आए मामले परिवाद में अटके रहते हैं। जादू कैसे… 25 से 31 दिसंबर के बीच रोज औसतन 10 मुकदमे, कई दिन तो पूरे जिले में एक भी केस नहीं
जादू क्यों… पेंडेंसी खत्म करने के चक्कर में केस दर्ज नहीं करती पुलिस, जनवरी शुरुआत में भरमार साल के अंत में 10% केस ही पेंडिंग रखने की छूट सालभर अपराधियों पर नकेल कसने वाली पुलिस का दिसंबर में अपराध नियंत्रण का यह अनूठा तरीका है। पीड़ित थानों में चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें जनवरी माह तक के लिए टाल रही है। पुलिस को मुख्यालय से साल के अंत में 10 फीसदी मामले ही पेंडिंग रखने की छूट है। ताकि, क्रेडिट स्कोर और प्रोग्रेस रिपोर्ट दोनों ही नए साल में खराब न हो। भास्कर ने साल के आखिरी दिनों के आंकड़ों की पड़ताल की, जिनमें धोखाधड़ी, चोरी और ठगी जैसे कई मामले पुलिस दर्ज नहीं कर रही है। उन्हीं मामलों को दर्ज किया जाता है, जिनमें आरोपी की पहचान साफ हो और उसे तुरंत पकड़ा जा सके। ताकि मामला इसी साल निस्तारित हो जाए। इनमें मारपीट, जानलेवा हमला, हत्या और सड़क हादसों के मामले शामिल रहते हैं। दिसंबर के 7 दिनों में 51, जनवरी के 3 दिन में 85 केस भास्कर ने साल 2023, 2024 और 2025 के दिसंबर और जनवरी तक के आंकड़े खंगाले तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। साल 2023 में 25 से 31 दिसंबर के बीच पूरे जिले में महज 51 मामले दर्ज हुए। साल 2024 में इन्हीं 7 दिनों में 28 केस दर्ज हुए। इस साल 25 दिसंबर को मात्र 1 और 26 को तो एक भी केस दर्ज नहीं हुआ। इसके उलट जनवरी की बात करें तो साल 2024 में 1 से 3 जनवरी के बीच 62 और साल 2025 के शुरुआती 3 दिन में 85 मामले दर्ज हुए। पेंडेंसी की बात करें तो पिछले साल प्रदेश में कुल 2.13 लाख केस दर्ज हुए। इनमें से 27 हजार पेंडिंग रहे। यानी पिछले साल 13.01% मामले पेंडिंग रह गए। पुलिस हर पीड़ित को सुनती है, ये पेंडेंसी घटाने का आसान तरीका
पुलिस दिसंबर माह में पेंडिंग केसों के निपटारे में लगी रहती है। पेंडेंसी और न बढ़े, इसलिए अमूमन नए केस दर्ज नहीं किए जाते हैं। ये पेंडेंसी घटाने का सबसे आसान तरीका है। एएसपी से लेकर एसपी तक पेंडेंसी पर बराबर मॉनिटरिंग रखी जाती है। हालांकि, पुलिस हर पीड़ित को सुनती है और केस दर्ज करने के बजाय मामला परिवाद में ले लिया जाता है। इसे जनवरी में दर्ज किया जाता है। इसी कारण जनवरी के शुरुआती दिनों में दर्ज प्रकरणों की संख्या बढ़ जाती है। -भास्कर एक्सपर्ट- घनश्याम शर्मा, सेवा निवृत्त पुलिस उप अधीक्षक

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