पीड़ितों को तुरंत मदद देने के लिए राजस्थान पुलिस ने पहल की है। पुलिस ने सरकारी राजकॉप एप पर एसओएस पैनिक बटन शुरू किया है। इस पर क्लिक करते ही कंट्रोल रूम में आपकी सूचना पहुंचेगी और तुरंत ही पुलिसकर्मी आपसे संपर्क कर लेंगे। बता दें कि हेल्पलाइन डायल 112 पर शिकायत करने वालों का कॉल लगता ही नहीं था, क्योंकि यहां कॉलिंग ट्रैफिक बहुत बढ़ गया था। डायल 112 पर अकेले जयपुर के अभय कमांड सेंटर में रोजाना 9 लाख कॉल और पूरे राजस्थान में 33.61 लाख कॉल आ रहे हैं। इनमें करीब 6500 कॉल पर ही पुलिस रिस्पॉन्स कर पा रही है। जयपुर में कंट्रोल रूम में 30 कॉल टेकर हैं, जबकि बाकी रेंज में 10-15… डायल 112 पर लगातार बढ़ रहे कॉलिंग ट्रैफिक को देखते हुए एससीआरबी विंग ने एसओएस सुविधा शुरू की है। एप पर इमरजेंसी सहायता मांगने पर पीड़ित 112 व्हीकल की लोकेशन लाइव भी देख सकेंगे। भांकरोटा अग्निकांड के बाद लिया फैसला एससीआरबी आईजी शरत कविराज ने बताया कि 20 दिसंबर को अजमेर रोड पर हुए अग्निकांड के बाद लोगों ने डायल 112 पर लगातार कॉल की थी। कॉल नहीं लगने की शिकायतें हम तक पहुंचीं। इसी के बाद हमने यह सुविधा शुरू की है। ऐसे करें डाउनलोड प्ले स्टोर-एप स्टोर के सर्च बॉक्स में RajCop Citizen App टाइप करें और डाउनलोड करें। {एप में मोबाइल नंबर या ई-मेल से रजिस्टर्ड करें। जरूरत पर एसओएस पर क्लिक करें। इसके बाद स्लाइड आगे बढाएं। {ब्लैक बॉक्स में 5 दुर्घटना सहायता, महिलाओं के साथ अभद्रता, लूट संबंधी ऑप्शन दिखाई देंगे। आप सलेक्ट कर नंबर टाइप करके ओके करें। 112 पर अधिक कॉल का कारण मोबाइल के पावर सप्लाई बटन में भी पैनिक बटन की सुविधा है, पावर बटन को 3-4 दबाने पर इमरजेंसी कॉल ऑटोमैटिक लग जाती है। इससे भी एक बार महिलाएं और बच्चे कॉल कट करने के दौरान कई बार पावर बटन दबा देते हैं। “डायल 112 पर कॉलिंग ट्रैफिक ज्यादा होने से पीड़ितों के फोन लगते ही नहीं हैं। इसका हल निकाला गया है। राजकॉप एप से अब तुरंत इमरजेंसी सहायता मिलेगी। 112 व्हीकल की लोकेशन भी लाइव देख सकेंगे।” -शरत कविराज, IG एससीआरबी


