नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो जोधपुर की टीम ने 865 किलो अवैध गांजा सप्लाई करने के मामले में फरार ट्रक चालक को पकड़ने में सफलता हासिल की है। एनसीबी ने ऑपरेशन शंकर के तहत चलाए जा रहे अभियान के तहत आरोपी को पकड़ा। इस मामले में सात आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। गांजे की खेप को लाने के लिए आरोपी अपने खुद के ट्रक से उड़ीसा जाता था। इसके लिए ट्रक में खास तरह का बॉक्स बना रखा था। एक खेप को सप्लाई करने के बदले उसे 3 लाख रुपए मिलते थे। पिछले साल पकड़ी थी खेप बता दें कि एनसीबी की टीम ने साल 2024 में 23 मई को झालामंड बाइपास पर एक बोलेरो पिकअप से गाजे के 71 पैकेट बरामद कर आरोपी अनिल को पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद गुड़ा विश्नोईयां गांव में भागीरथ बिश्नोई के मकान से गांजे के 99 पैकेट बरामद किए गए थे। जिनमें प्रत्येक में करीब पांच पांच किलो गांजा भरा हुआ था। इस तरह से कुल 865 किलो गांजा बरामद किया गया था। इस गांजे को ओडिशा से आरोपी लेकर आया था। जिसे जोधपुर के IIT, NLU, NIFT, FDDI जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों के आस-पास सप्लाई किया जाना था। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4 करोड़ 30 लाख आंकी गई थी। इस मामल में एनसीबी की ओर से पूर्व में विनायकपुरा भवाद निवासी मेहराम (33) पुत्र मांगीलाल बिश्नोई को गिरफतार किया था। मेहराम ने ही ओड़िशा से गांजे की खेप को भेजा था। इसके अलावा 23 मई को अनिल कुमार व गुमान गहलोत, 25 मई को नरेंद्र, 13 सितम्बर को बलदेव उर्फ बंटी गहलोत, 22 अक्टूबर को भागीरथ बिश्नोई को पकड़ा गया था। एनसीबी के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने बताया कि पूर्व में टीम की ओर से 865 किलो गांजा बरामद किया गया था। इस मामले में पूर्व में कई आरोपियों को पकड़ा गया था। इस मामले में ट्रक मालिक सीताराम मेघवाल को पकड़ा गया है। आरोपी बोरड़ी खुर्द का निवासी है। आरोपी के पास खुद का ट्रक है। आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल एनसीबी की टीमें आरोपी से पूछताछ कर रही है। सोनी ने बताया कि आरोपी चार बार उड़ीसा गया था। जिसमें चार अलग अलग ट्रिप कर 2500 किलो गांजा लेकर आया था। आरोपी जोधपुर से कोटा, भोपाल, नागपुर, छत्तीसगढ़ होते हुए मलकानगिरी तक पहुंचता था। एक खेप को लाने के लिए उसे तीन लाख रूपए मिलते थे। जांच में सामने आया कि आरोपी अब तक 2500 किलो गांजे की तस्करी कर चुका है। जिसकी बाजार कीमत करीब 12.50 करोड़ रूपए है। आरोपी अपने ट्रक के पीछे के हिस्से में एक खास तरह का बाॅक्स बनाकर गांजा सप्लाई करता था। उसके खिलाफ जोधपुर के करवड़ थाने में भी मामला दर्ज है। आरोपी को ओडिशा में राकेश सांई और मेहराम विश्नोई गांजा उपलब्ध करवाता था। इसके बाद जोधपुर में बंटी गहलोत और अन्य सहयोगियों को यह गांजा सप्लाई किया जाता था। इसे मंगवाने वाले मुख्य तस्कर मेहराम को पूर्व में पकड़ा जा चुका है। जबकि राकेश सांई अभी फरार चल रहा है।


