छत्तीसगढ़ प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती में कथित गड़बड़ी को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के अभ्यर्थियों ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। लिखित परीक्षा देने वाले कई जिलों के अभ्यर्थी इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय तक पहुंच चुके हैं, जहां वे भर्ती प्रक्रिया में धांधली का दावा कर रहे हैं। लिखित और फिजिकल टेस्ट के अंक सार्वजनिक करने की मांग सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के अभ्यर्थियों ने पुलिस अधीक्षक आञ्जनेय वार्ष्णेय को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि कम अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया है, जबकि मेरिट सूची में आने वाले कई योग्य अभ्यर्थियों के नाम चयन सूची से गायब हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट के अंक सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही, विवादित नियुक्तियों को रद्द कर पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन अभ्यर्थियों का चयन कई जिलों में हुआ है, उनके कट-ऑफ अंक जारी किए जाएं। इसके अलावा, 2007 के भर्ती नियम के अनुसार एक व्यक्ति का नाम केवल एक ही जिले से कट-ऑफ में शामिल करने की मांग की गई है। एसपी कार्यालय में आरक्षक भर्ती हेल्पडेस्क स्थापित इस बीच, जिला पुलिस प्रशासन ने आरक्षक भर्ती परिणाम से संबंधित शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए 14 दिसंबर तक सारंगढ़ स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक हेल्पडेस्क स्थापित किया है। यह हेल्पडेस्क दो शिफ्टों में काम करेगा। पहली शिफ्ट सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगी, जिसमें सभी शिकायतें और आवेदन प्राप्त किए जाएंगे तथा संबंधित भर्ती समितियों से आवश्यक जानकारी जुटाई जाएगी। दूसरी शिफ्ट दोपहर 3:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी, जिसमें प्राप्त जानकारी और प्रतिक्रियाएं शिकायतकर्ताओं के साथ साझा की जाएंगी।


