ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रमनदीप कौर की अदालत ने पुलिस मुलाजिम की हत्या के मामले में कांस्टेबल को सम्मन जारी किया है। मामले में अदालत ने 24 मार्च को आरोपी कांस्टेबल जोकि संगरूर जिले का रहने वाला है, को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता के वकील एडवोकेट देवेन वर्मा ने बताया कि उनके क्लाइंट हरजिंदर सिंह के बेटे हरिंदर सिंह की मौत 13 अगस्त 2020 को हुई थी। मालेरकोटला निवासी हरजिंदर सिंह ने स्थानीय पुलिस की ओर से संतोषजनक कार्रवाई न करने पर अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी कांस्टेबल प्रदीप सिंह उनके बेटे हरिंदर सिंह का मित्र था। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2020 में आरोपी प्रदीप ने हरिंदर से 2 लाख 50 हजार रुपए उधार मांगे। हरिंदर ने यह बात परिजनों को बताई। इसके बाद आरोपी प्रदीप को 50 हजार रुपए नगद और 2 लाख रुपए अकाउंट ट्रांसफर के माध्यम से दिए। 2 महीने के बाद उन्होंने आरोपी से रुपए वापस मांगे तो वह झगड़ा करने लगा। 12 अगस्त 2020 को हरिंदर सिंह ड्यूटी पर गया था और वापस नहीं आया। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त 2020 को सुबह करीब 3 बजे शिकायतकर्ता के भतीजे गुरप्रीत सिंह को फोन आया कि हरिंदर सिंह की मौत हो गई है और वह जवद्दी पुल के पास पड़ा हुआ है। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने बेटे की लाश को देखकर हत्या का शक जाहिर किया। मौके पर उनके बेटे का मोबाइल और पर्स मौजूद नहीं था । उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से इस मामले में कोई भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। ‘शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए गए सबूत और दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इस मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद अदालत ने आरोपी गांव लासई, संगरूर निवासी पंजाब पुलिस के कांस्टेबल प्रदीप सिंह को 24 मार्च को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।


