शहर के उपनगर मुरार के आजाद नगर में अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले गैंगस्टर हरेन्द्र राणा के साथी अब झांसी रोड थाना पुलिस की रिमांड पर हैं। मुरार पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जहां से झांसी रोड थाना पुलिस ने रिमांड पर लिया है। आरोपियों में जुल्मी उर्फ विवेक उर्फ गोलू और प्रिंस उर्फ पवन शामिल हैं। इनके तीन अन्य साथी कुछ समय पहले झांसी रोड में गांजे की बड़ी खेप के साथ पकड़े गए थे। नशे के कारोबार में उतरना चाहते थे बदमाश पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इन बदमाशों ने रायपुर, छत्तीसगढ़ से गांजे की डील की थी। गिरोह के सदस्य अब नशे के कारोबार में उतरना चाहते थे क्योंकि इसमें कम पूंजी में अधिक मुनाफा होता है। पुलिस पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। 51 किलो गांजे की खेप के साथ हुए थे खुलासे टीआई झांसी रोड मंगल सिंह पपोला ने बताया कि पिछले साल झांसी रोड थाना पुलिस ने गांजे की खेप के साथ तीन तस्कर अजय, जय और गायत्री कुमारी को पकड़ा था और उनसे करीब 51 किलो गांजे की खेप बरामद की थी। जब इनसे पुलिस ने पूछताछ की तो खुलासा हुआ था कि वह तो सिर्फ गांजे की खेप को लेकर आने वाले हैं, जबकि उनका बॉस तो जुल्मी उर्फ विवेक राणा और प्रिंस उर्फ पवन हैं। इसके बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। हालही में मुरार थाना पुलिस ने इन दोनों बदमाशों सहित तीन को एक नाबालिग के घर पर अंधाधुंध फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुरार पुलिस ने उनको जेल भेजते ही झांसी रोड थाना पुलिस ने रिमांड पर लिया है। रायपुर से की थी डीलिंग पुलिस पूछताछ में पता चला कि जुल्मी उर्फ विवेक राणा अपने गिरोह को नशे के कारोबार में शामिल करना चाहता था। उसने रायपुर के तस्करों से गांजे की डील की थी। माल की डिलीवरी के दौरान ही उसके साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। हालांकि, तस्करों को यह जानकारी नहीं थी कि नशे की खेप कौन भेज रहा है और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। हो सकता है रायपुर के नेटवर्क का खुलासा पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान रायपुर से संचालित गांजे के नेटवर्क और उससे जुड़े सरगनाओं का खुलासा हो सकता है। इसके अलावा, ग्वालियर में नशे की खेप की सप्लाई करने वालों का भी पता चल सकता है। मामले की जांच जारी है।


