कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा अपने 47 साल पुराने दोस्त नारायण मोदी (70) के घर पहुंच गए। उन्हें देख उनका दोस्त उनके गले लग गया। किरोड़ी को ऐसे अपने घर पर आया देख मोदी भावुक हो गए और अपने घर के अंदर चलने को कहा। 1977-78 में आपातकाल के समय जब किरोड़ीलाल मीणा के पीछे पुलिस थी तब नारायण ही उन्हें टैक्सी में बैठाकर बचा कर ले गए थे। यहां किरोड़ी ने घर में घुसते ही पूछा- खाना कौन बनाता है तो मोदी ने कहा- मैं ही बनाता हूं। इसके बाद किरोड़ी ने पूछा पूजा-पाठ करते हो या नहीं तो मोदी बोले- बिल्कुल करता हूं, यहीं करता हूं। मेरा तो भोला भंडारी है। रात को जागता हूं तो उन्हीं से बात करता हूं। कृषि मंत्री ने अपने दोस्त के घर को देख उनकी आर्थिक सहायता भी की। उनके घर बैठकर बातचीत की। तो आस पास के लोग बोले- ये आपके समय के किस्से सुनाते रहते हैं। डॉ. किरोड़ी ने रविवार रात बीकानेर में नकली उर्वरक बनाने वाली फर्मों के यहां छापेमारी की थी। इसके बाद सोमवार दोपहर मुक्ताप्रसाद नगर में रहने वाले अपने दोस्त नारायण मोदी के यहां पहुंचे। उन्हें छत की पट्टियां सही करवाने के लिए आर्थिक सहायता भी की। आपातकाल में पुलिस पीछे पड़ी तो किरोड़ी को भगा ले गए थे मोदी बता दें कि 1977-78 में डॉ. किरोड़ी ने बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की थी। उस वक्त से नारायण मोदी उनके दोस्त हैं। आपातकाल के समय जब मीणा के पीछे पुलिस पड़ी तो मोदी ने ही उन्हें बचाया था। बस स्टेंड पर जैसे ही मीणा उतरे, वैसे ही पुलिस पीछे हो गई लेकिन मोदी टेक्सी में बिठाकर उन्हें भगा ले गए। पुलिस पकड़ नहीं सकी। हालांकि मोदी मेडिकल स्टूडेंट नहीं थे। लेकिन, मीणा के कॉलेज के समय से इस घटना के बाद उनके दोस्त बन गए थे। अब तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… किरोड़ी को घर के बाहर देख भावुक हुए जैसे ही किरोड़ी ने आने की सूचना मिली। नारायण मोदी घर के बाहर आ गए थे। इसके बाद डॉ. किरोड़ी को देख उनके गले लग गए। किरोड़ी ने भी उन्हें गले लगाया और हाथ पकड़कर उन्हें घर के भीतर ले गए। यहां घर में पड़ी पुरानी टीवी और टूटी-फूटी छत को देखकर मंत्री ने कहा कि ये सब ठीक करवाओ। इसके बाद उनसे पूछा और कौन है घर में तो मोदी ने कहा- वो अकेले ही रहते हैं और पूजा-पाठ कर अपना दिन बिताते हैं।


