पूर्णिया में बदमाशों ने मंगलवार को कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान सूरज बिहारी उर्फ सूरज यादव की रूप में हुई है। वे शहर के सबसे बड़े मक्का गोदाम के मालिक थे। सूरज हमेशा बंदूकधारी गार्ड के साथ चलते थे। जिस वक्त गोली मारी गई उस वक्त भी उनके साथ गार्ड मौजूद था। कार से उतरने के दौरान बदमाशों ने सूरज पर अंधाधुंध 5 राउंड फायरिंग कीं। इनमें 3 गोलियां सूरज को लगीं। उनके साथ मौजूद प्राइवेट गार्ड और फुफेरे भाई बचाने दौड़े तो उन पर भी फायरिंग की गई। दोनों जान बचाकर भागे। घटना मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक के पास की है। परिवार ने नेवालाल चौक के रहने वाले 2 भाई ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह पर हत्या का आरोप लगाया है। दोनों स्मैक का गिरोह चलाते हैं। वारदात के बाद से दोनों फरार हैं। इधर, घटना के बाद सांसद पप्पू यादव अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर सवाल उठाए हैं। वारदात के बाद 2 तस्वीरें देखिए भाई के झगड़े को सुलझाने गए थे फायरिंग में बाल-बाल बचे प्राइवेट गार्ड प्रेम कुमार ने बताया कि, ‘सरस्वती पूजा के दिन इंस्टाग्राम रील बनाने को लेकर कारोबारी सूरज बिहारी के भाई उदय यादव और उनके दोस्तों से ब्रजेश और नंदू सिंह की आपसी कहासुनी हुई थी। हालांकि उस रोज ये विवाद किसी तरह सुलझा लिया गया था। आज सुबह दोबारा से ब्रजेश और नंदू ने कारोबारी सूरज के छोटे भाई उदय और उसके दोस्त को घेर लिया। वो मारपीट करने लगे। इसके बाद दोस्त ने फोन कर कारोबारी के छोटे भाई उदय को बुलाया। उदय के वहां पहुंचते ही दोनों ने अपने 20 से 25 गुर्गों के साथ उसे भी बंधक बना लिया और मारपीट करने लगे। पीठ, कमर और बांह में मारी गोली उदय ने बड़े भाई सूरज बिहारी को फोन कर खुद को बंधक बनाए जाने की बात बताई। जिसके बाद सूरज आनन-फानन में अपने प्राइवेट गार्ड प्रेम कुमार को लेकर नेवालाल चौक पार्क के लिए रवाना हुए। फोन पर भी बातचीत में नंदू और बृजेश ने सूरज बिहार को समझौते के लिए बुलाया। वे गार्ड के साथ मौके पर पहुंचे। सूरज अपनी गाड़ी से उतरे ही थे कि नंदू और बृजेश सिंह ने अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इसमें 3 गोली कारोबारी को लगी। पहली बुलेट पीठ दूसरी कमर से ऊपर और तीसरी बांह में मारी गई। जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। फायरिंग के बीच उन्हें बचाने आगे आए गार्ड और फुफेरे भाई पर भी दो गोलियां चलाई गईं। जिसके बाद वे किसी तरह जान बचाकर भागे। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों भाई अपने गुर्गे के साथ भाग निकले। हमेशा गार्ड के साथ चलते थे सूरज बिहारी रील्स बनाने के शौकीन थे सूरज बिहार सूरज बिहारी रील्स बनाने के शौकीन थे। सोशल मीडिया पर सूरज ने कई रील्स अपलोड किए हैं। हाल ही में सूरज बिहार ने लैंड रोवर कार ली थी, इसके साथ ही उन्होंने रील्स पोस्ट किया है। घटना की सूचना मिलते ही मरंगा थाना अध्यक्ष कौशल कुमार और सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार भारी पुलिस बल के साथ पहले नेवालाल चौक घटना स्थल और फिर वहां से जी होप हॉस्पिटल पहुंचे। यहां परिजनों का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस शव को लेकर जीएमसीएच पूर्णिया आई है। जहां शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। पप्पू यादव बोले- अपराधियों को पुलिस का संरक्षण है पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि,सूरज बिहारी की हत्या करने वाले नंदू और बृजेश सिंह शराब के बड़े कारोबारी हैं। सूरज के भाई से दोनों की आपसी कहासुनी हुई थी। दोनों ने उनके भाई को बंधक बना लिया था। इसके बाद कारोबारी सूरज को समझौते के लिए बुलाया। वे पहुंचे ही थे, कि दोनों ने गोली मार कर कारोबारी सूरज यादव की हत्या कर दी। इन दोनों के काले कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले का ये दोनों भाई और उसके गुर्गे ऐसी ही सजा देते हैं। इन लोगों को स्थानीय थाने का सपोर्ट मिला हुआ है।


