महासमुंद जिले के पिथौरा तहसील कार्यालय में पूर्व जनपद सभापति जितेन्द्र सिन्हा ने तहसीलदार के खिलाफ अर्धनग्न होकर धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नजरी-नक्शा न बनाए जाने के विरोध में किया गया। उनके साथ बुंदेली बरेकेल, जामजूडा और पिथौरा के दर्जनों किसान भी शामिल थे। प्रदर्शनकारी तहसीलदार मनीषा देवांगन के कार्यालय के सामने अर्धनग्न होकर बैठे और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान करीब दो घंटे तक तहसील कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा। तहसीलदार के रवैये पर आरोप पूर्व जनपद सभापति जितेन्द्र सिन्हा ने आरोप लगाया कि तहसीलदार का रवैया जनप्रतिनिधियों के प्रति आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के लिए नजरी-नक्शा बनाने में जानबूझकर देरी की जाती है। तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप सिन्हा के अनुसार, तहसील कार्यालय में आम जनता और किसानों के काम समय पर नहीं होते और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। उन्होंने यह भी कहा कि तहसीलदार गरीबों को नजरी-नक्शा देने से कलेक्टर का हवाला देकर इनकार कर देती हैं, जिससे कई गरीबों के प्रधानमंत्री आवास नहीं बन पा रहे हैं। गरीबों को पक्की छत देने की मांग जितेन्द्र सिन्हा ने जोर देकर कहा कि गरीबों को कच्चे मकान के बजाय पक्की छत मिलनी चाहिए और इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राजस्व मामलों का समय पर निराकरण नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में तहसीलदार मनीषा देवांगन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।


