झारखंड लोक सेवा आयोग की पूर्व अध्यक्ष और राम लखन सिंह यादव कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. शांति देवी के बकाया भुगतान को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में 16 जनवरी को अगली सुनवाई होनी है, जिसमें आरयू को बकाया भुगतान से संबंधित जवाब देना होगा। अब जब जवाब देने का समय नजदीक है, तब आरयू प्रशासन अलर्ट मोड में दिख रहा है। मंगलवार को अवकाश रहने के बावजूद यूनिवर्सिटी मुख्यालय खोला गया और अधिकारी कोर्ट में दाखिल किए जाने वाले जवाब और भुगतान प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। प्रशासन की ओर से काफी मशक्कत के बाद डॉ. शांति देवी के अर्जित अवकाश के भुगतान का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। उन्हें 80 दिनों के अवकाश का भुगतान किया जाएगा। बताते चलें कि अर्जित अवकाश से संबंधित रिकार्ड ढूंढने पर भी नहीं मिल रहा था। अर्जित अवकाश का रिकार्ड ढूंढने में हुई परेशानी ग्रेच्युटी-पेंशन पर निर्णय कोर्ट के आदेश के बाद विवि प्रशासन का कहना है कि डॉ. शांति देवी के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में जेपीएससी नियुक्ति गड़बड़ी से संबंधित मामला लंबित है। इसलिए नियमों के तहत उन्हें फिलहाल ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया जा सकता। हालांकि पेंशन का 75% भुगतान किया जा रहा है। शेष 25% और ग्रेच्युटी पर अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश के बाद ही लिया जाएगा। भुगतान की मौजूदा स्थिति कोर्ट की डेडलाइन नजदीक देख यूनिवर्सिटी सक्रिय हाईकोर्ट में लंबित मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को निर्धारित है। इस सुनवाई में यूनिवर्सिटी को यह बताना है कि डॉ. शांति देवी के बकाया भुगतान मामले में अब तक क्या कार्यवाही हुई है। इसी दबाव के कारण मंगलवार को अवकाश के बावजूद यूनिवर्सिटी मुख्यालय खोला गया और संबंधित शाखाओं के अधिकारी फाइलें तैयार करते नजर आए।


