पूर्व पायलट का नया ‘रनवे’…55 की उम्र में बने मैराथन धावक, -25°C में 18 हजार फीट की ऊंचाई तक दौड़ लगाई

रांची के सेल सिटी में रहने वाले 55 वर्षीय ग्रुप कैप्टन सैकत चौधुरी (सेवानिवृत्त) भारतीय वायुसेना के एक अनुभवी पायलट रहे हैं, जिन्होंने अब एंड्योरेंस एथलीट (मैराथन धावक) के रूप में एक नई पहचान बनाई है। उन्होंने 44 वर्ष की उम्र में दौड़ना शुरू किया और आज वह 3 घंटे 36 मिनट में फुल मैराथन और 1 घंटे 40 मिनट से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करते हैं। 11 साल के दौड़ने के सफर में, सैकत ने 52 रेस में भाग लिया है, जिनमें 12 अल्ट्रा-मैराथन (65 किमी से 161 किमी तक) शामिल हैं। उनकी दौड़ कच्छ के रेगिस्तान, लद्दाख की 18,000 फीट ऊंची खारदुंग-ला, मेघालय के हरी-भरी पगडंडियों और -25°0C की भीषण ठंड तक फैली हुई है। 2023 में, उन्होंने अपनी सबसे लंबी दौड़, 161 किमी की हेन्नूर बैम्बू ट्रेल अल्ट्रा, 24 घंटे 44 मिनट में पूरी करके दूसरा स्थान हासिल किया। ‘रांची रोड रनर्स’: दौड़ के प्रति जागरूकता सैकत चौधुरी रांची में दौड़ने की संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं। 25 जून 2025 को उन्होंने ‘रांची रोड रनर्स’ (RRR) ग्रुप की स्थापना की। महज़ तीन महीनों में इस समूह में 91 उत्साही धावक जुड़ चुके हैं, जो प्रतिदिन अभ्यास करते हैं और वीकेंड पर 5 से 50 किमी की सामूहिक दौड़ में भाग लेते हैं। RRR के सदस्य देश भर की प्रमुख दौड़ प्रतियोगिताओं में लगातार भाग ले रहे हैं। हाल के महीनों में, टीम ने बेंगलुरु हाफ मैराथन, लोनावाला वर्षा मैराथन (50 किमी) और हैदराबाद मैराथन में सफलता हासिल की। 14 सितंबर 2025 को, टीम के 5 सदस्यों ने लद्दाख हाफ मैराथन पूरी की। अब 12 अक्टूबर को ग्यारह सदस्य वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में भाग लेंगे। 50% ऑक्सीजन और अत्यधिक ऊंचाई में दौड़ना बड़ी चुनौती सैकत चौधुरी के लिए हर दौड़ एक अलग परीक्षा है। फुल मैराथन जहां तेज़ी और समयबद्धता मांगती है, वहीं 161 किमी की अल्ट्रा-मैराथन 24 घंटे से अधिक लगातार दौड़ने की मानसिक और शारीरिक दृढ़ता की मांग करती है। वह बताते हैं कि खारदुंग-ला चैलेंज जैसी ऊंचाई वाली दौड़ सबसे कठिन होती है, जो लगभग 18,000 फीट पर आयोजित दुनिया की सबसे ऊंची अल्ट्रा-मैराथनों में से एक है। इस ऊंचाई पर ऑक्सीजन 50% से भी कम हो जाती है और -10°C की ठंड में 72 किमी दौड़ना पड़ता है। हाल ही में, 12 सितंबर 2025 को आयोजित खारदुंग-ला चैलेंज को उन्होंने 11 घंटे 39 मिनट में पूरा किया। उन्होंने नंगे पांव दौड़ना भी शुरू कर दिया है और इसमें अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। 52 मेडल जीते… सैकत चौधुरी ने अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में 52 मेडल जीत चुके हैं। नए रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। अगले साल रांची में होगा हिमालयन मैराथन दौड़ के प्रति जागरूकता को और बढ़ाने के लिए, रांची रोड रनर्स और आई3 फाउंडेशन मिलकर 13 सितंबर 2026 से रांची हिमालयन मैराथन का आयोजन करेंगे, जिसमें 50 माउंट एवरेस्ट विजेता शामिल होंगे। City Achiever

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