पूर्व पार्षद पर राजकार्य में बाधा डालने का आरोप:कार्मिकों ने दी कार्य-बहिष्कार की चेतावनी, कार्रवाई न करने पर पुलिस पर जताया आक्रोश

शिवगंज के उपखण्ड, तहसील, उपकोष और पंजीयन कार्यालयों के कार्मिकों ने पूर्व पार्षद राजेश अहीर और उनके साथ आए 4-5 अन्य लोगों पर राजकार्य में बाधा डालने तथा अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगाया है। कार्मिकों के अनुसार, यह घटना 13 जनवरी 2026 को उपखण्ड कार्यालय में हुई। कार्मिकों ने बताया कि आरोपियों ने सूचना सहायक चंद्रप्रकाश मीणा के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कार्यालय में हंगामा किया। जनाधार साइट में तकनीकी समस्या के कारण कार्य में विलंब की जानकारी देने के बावजूद विवाद बढ़ाया गया। इस दौरान कार्यालय कार्मिकों का अवैध रूप से वीडियो बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया। आरोप है कि वीडियो के माध्यम से कार्मिकों को उकसाने और कार्यालय की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। घटना के तुरंत बाद, शिवगंज उपखण्ड मजिस्ट्रेट ने उसी दिन थानाधिकारी को आरोपियों के खिलाफ राजकार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, सात दिन बीत जाने के बाद भी कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, जिससे कार्मिकों में गहरा रोष है। कार्मिकों का कहना है कि पुलिस की इस लापरवाही से उनका मनोबल गिरा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को बढ़ावा मिल सकता है। कार्मिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो सभी कार्मिक कार्य-बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।

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