राजस्थान में भविष्य में होने वाली पूर्व प्राथमिक अध्यापक भर्ती (एनटीटी) के सिलेबस में बड़ा बदलाव किया है। अब पेपर की अवधि आधा घंटे घटाई गई है, जबकि पेपर के कुल अंकों में बढ़ोतरी की गई है। सबसे बड़ा बदलाव इस पेपर में राजस्थान के जीके का वेटेज शामिल किया है। अब इस पेपर में 300 में से 100 अंकों के सवाल राजस्थान के जीके से जुड़े होंगे। साथ ही राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग में कार्यरत पूर्व प्राथमिक शिक्षकों को ग्रेड पे में संशोधन किया है और पदोन्नति का रास्ता भी खोला है। इस पद पर पे स्केल एल-5 से संशोधित होकर अब एल-8 हो गई है। इसके बाद प्री प्राइमरी शिक्षक ग्रेड द्वितीय (पे स्केल एल-10), प्री प्राइमरी शिक्षक ग्रेड प्रथम (पे स्केल एल-11) और सीनियर प्री प्राइमरी शिक्षक (पे स्केल एल-12) के पद पर पदोन्नति हो सकेगी। 100 अंक पुराने पैटर्न के आधार पर ही होंगे यह पेपर अब 2 घंटे 30 मिनट का होगा। इसकी अवधि आधा घंटे घटाई गई है। पेपर में पहले की तरह अब भी सवाल 150 ही होंगे, लेकिन अब 100 अंकों की बजाय 300 अंकों का होगा। इसमें 100 अंक तो पुराने पैटर्न पर ही बच्चों की सीखने की क्षमता से जुडे़ हुए होंगे। इनके अलावा 100 अंक राजस्थान की भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक ज्ञान व राजस्थानी भाषा से जुड़े होंगे। इसके अलावा 80 अंक राजस्थान के सामान्य ज्ञान, शैक्षिक परिदृश्य आरटीई व समसामयिक मामलों से जुड़े हुए होंगे। शिक्षा मनोविज्ञान के 10 अंक व सूचना प्रोद्यौगिक के 10 अंक होंगे। अब यदि अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को लिए भर्ती होगी तो परीक्षा का माध्यम भी केवल अंग्रेजी में ही होगा। एनटीटी का पुराना सिलेबस इस प्रकार था अब तक एनटीटी भर्ती के सिलेबस में केवल बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, सृजनात्मक विकास, सीखने, सिखाने की प्रक्रिया-विधियां, बच्चों का मूल्यांकन, भाषायी विकास एवं बाल विकास जैसे टॉपिक शामिल हैं। इसके पेपर में 150 सवाल होते थे, जो कुल 100 अंकों के थे। पेपर की अवधि 3 घंटे की होती है, लेकिन इसमें राजस्थान के जीके से जुड़ा हुआ एक भी सवाल शामिल नहीं था। पहले पेपर दोनों भाषाओं में आता था। सेवा नियम सराहनीय “सरकार द्वारा एनटीटी शिक्षकों के सेवा नियम बनाना सराहनीय है। इससे एनटीटी शिक्षकों की भी पदोन्नति हो सकेगी। हम यह मांग उठा रहे थे। एनटीटी भर्ती के सिलेबस में राजस्थानी भाषा एवं संस्कृति को जोड़ने से यहां के युवाओं को बड़ा फायदा होगा।” – ईश्वर यादव, कोषाध्यक्ष, एनटीटी शिक्षक संघ अंग्रेजी माध्यम गलत “भविष्य में एनटीटी की भर्ती होगी तो माध्यम अंग्रेजी रखना गलत है, क्योंकि राजस्थान के सभी एनटीटी अभ्यर्थी हिंदी माध्यम से है। साथ ही राजस्थान में यह कोर्स 2010 से बंद पड़ा है। अगर भर्ती निकली तो राजस्थान के बाहर के अभ्यर्थियों का चयन होगा।” -विष्णु शर्मा, प्रदेश महासचिव, एनटीटी संघर्ष समिति


