भोपाल लिट्रेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (बीएलएफ) के दूसरे दिन शनिवार को भारत भवन साहित्य, कला, कूटनीति और संगीत के जीवंत संगम का साक्षी बना। दिनभर चले विचारोत्तेजक सत्रों के बाद शाम को सूफी संगीत की रंगत ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। मशहूर गायक राजीव सिंह और उनके समूह ने सूफी रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को सुरों की इबादत से जोड़ा। कार्यक्रम में बीएलएफ के डायरेक्टर राघव चंद्रा और अभिलाष खांडेकर मौजूद रहे। ‘पाकिस्तान की तरह भारत किसी की गोदी में नहीं बैठता’ “ऑपरेशन सिंदूर एंड पाकिस्तान: द अनटोल्ड स्टोरी” सत्र में पूर्व राजदूत सैयद अकबरुद्दीन और पूर्व राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने भारत-पाक संबंधों और कूटनीतिक रणनीतियों पर खुलकर बात की। सत्र का संचालन पाकिस्तान मामलों की विशेषज्ञ डॉ. शालिनी चावला ने किया। मंजीव सिंह पुरी ने कहा कि पहलगाम हमला सामान्य आतंकी घटना नहीं, बल्कि भारत के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की सुनियोजित कोशिश थी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने वैश्विक मंच पर प्रभावी कूटनीति का परिचय दिया और पाकिस्तान को आतंकवाद के केंद्र के रूप में बेनकाब किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पाकिस्तान की तरह भारत किसी की गोदी में नहीं बैठता, भारत हाई-टेबल पर बैठने वाला देश है। सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से झूठे नैरेटिव, फेक न्यूज और दुष्प्रचार का सहारा लेता रहा है। आज की लड़ाई केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि नैरेटिव और सूचना के स्तर पर भी लड़ी जा रही है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना करते हुए कहा कि दोनों के बीच अब जमीन-आसमान का अंतर है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में डिजिटल सेक्टर में 67 बिलियन डॉलर का निवेश इसका प्रमाण है। पाक अधिकृत कश्मीर: रणनीति और कूटनीति पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) पर केंद्रित विशेष सत्र में राघवेन्द्र सिंह और सैयद अकबरुद्दीन के बीच संवाद हुआ। सत्र में PoK के निर्माण, सैन्य इतिहास और कूटनीतिक रणनीतियों पर गहन चर्चा की गई। वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे इतिहास को समझें, सवाल पूछें और राष्ट्रीय हितों के संदर्भ में कूटनीति की जटिलताओं को जानें। शिव प्रेम, समानता और समर्पण के प्रतीक प्रशांत दीक्षित‘आदिदेव: द फर्स्ट लव स्टोरी ऑफ द यूनिवर्स’ सत्र में लेखक प्रशांत दीक्षित ने शिव-पार्वती के संबंधों को प्रेम, समानता और नारी सम्मान के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि शिव ने पार्वती को अपने आधे स्वरूप में स्थान देकर नारी को समानता का भाव दिया। उनका कहना था कि आकर्षण संघर्ष में खत्म हो सकता है, लेकिन प्रेम संघर्ष में और निखरता है। हिमालय का अजेय शेर: जनरल जोरावर सिंह जनरल जोरावर सिंह के जीवन पर आधारित सत्र में कर्नल अजय रैना और लेफ्टिनेंट कर्नल अंशुमन अग्रहरी ने उनके साहस, नेतृत्व और संघर्षों की कहानियां साझा कीं। यह सत्र विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहा। लोकसूत्र: स्वदेशी संस्कृति और मानवीय मूल्य लोकसूत्र सत्र में आचार्य सिद्धु और अपूर्वा मिश्रा ने स्वदेशी समुदायों की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और प्रकृति से जुड़े ज्ञान पर चर्चा की। वक्ताओं ने भाषा और परंपरा को सांस्कृतिक स्मृति का आधार बताया और सांस्कृतिक इतिहास के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। पांचवीं औद्योगिक क्रांति और एआई पर विमर्श ‘द नेक्स्ट न्यू: द फिफ्थ इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन’ सत्र में लेखक प्रांजल शर्मा ने एआई, डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी मेगा ट्रेंड्स पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों में तेज सोच और निर्णय क्षमता आज की सबसे बड़ी जरूरत है। स्थानीय संस्कृति से बनता है बेहतर समाज‘ रोल ऑफ कल्चर इन मेकिंग बेटर सोसायटीज’ सत्र में प्रभात तिवारी ने कहा कि स्थानीय संस्कृति समाज की पहचान और सामाजिक समरसता की आधारशिला होती है। उन्होंने जनजातीय कला और परंपराओं के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। एल्गोरिद्म तय कर रहे हैं हमारे फैसले एल्गोरिदमिक गवर्नेंस सत्र में डॉ. प्रशांत कुमार पोनुगोटी ने कहा कि आज हमारे व्यवहार, पसंद और निर्णय एल्गोरिद्म से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने एल्गोरिद्मिक ड्यू प्रोसेस को समय की नैतिक आवश्यकता बताया। अभिमन्यु: करुणा और प्रेरणा का प्रतीक लेखिका अनुजा चंद्रमौली ने अभिमन्यु को महाभारत का सबसे करुण और प्रेरक नायक बताया। उन्होंने कहा कि अभिमन्यु का अल्पकालिक जीवन भी गहरी संवेदना और साहस से भरा हुआ है। इतिहास, प्रेम और वर्तमान की बहसें बीएलएफ के दूसरे दिन भारत के पूर्वी पड़ोस, इतिहास लेखन, रामायण के वैश्विक संस्करणों, टीनएज रोमांस, अकेलेपन और अंतरंगता जैसे विषयों पर भी गंभीर सत्र हुए। अश्विन सांघी, आभास मालदहियार, शबनम मिनवाला और शिनी एंटनी जैसे लेखकों ने अपने-अपने सत्रों में इतिहास, साहित्य और समकालीन समाज को नए दृष्टिकोण से देखने का आग्रह किया।


