प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, उनके परिजनों और करीबियों से जुड़ी 16 कंपनियों की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत की जा रही है, जो जमीन कब्जा, रंगदारी वसूली और बालू तस्करी जैसे आरोपों से संबंधित है। ईडी को जांच में पता चला है कि अंबा, उनके पिता पूर्व विधायक योगेंद्र साव, भाई अंकित राज, और अन्य परिजन इन कंपनियों के निदेशक या मालिक हैं। इन कंपनियों के जरिए निर्माण, खनन और परिवहन जैसे कारोबार संचालित किए जा रहे हैं। जिनमें वैध और अवैध दोनों तरह की पूंजी लगी हो सकती है। 4 जुलाई को ईडी ने रांची और हजारीबाग में 8 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान अंकित राज के चार्टर्ड अकाउंटेंट बादल गोयल के यहां से 15 लाख रुपए, दस्तावेज व डिजिटल डिवाइस जब्त हुए थे। -शेष पेज 9 पर इन कंपनियों की हो रही जांच मां अष्टभुजा सिरामिक्स एंड मिनरल, अंकित राज सैंड स्टॉकयार्ड, एसकेएस इंटरप्राइजेज, अष्टभुजी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड, जय मां अष्टभुजी कंस्ट्रक्शन, मिलियन ड्रीम्स फाउंडेशन, हिबकॉन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड, कश्यप देव ट्रांसपोर्टर प्राइवेट लिमिटेड, वी कनेक्ट इंडिया, मेसर्स धीरेंद्र कुमार, अनन्या इंटरप्राइजेज, अंबा प्रसाद वेलफेयर फाउंडेशन, मां कामाख्या कंक्रीट्स, मेसर्स अंकित राज, मेसर्स योगेंद्र साव व कंडाबर फायर क्ले माइंस।


