छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बागियों की वापसी का खुलकर विरोध करने वाले पूर्व विधायक कुलदीप जूनेजा को पीसीसी ने शो-कॉज नोटिस भेजा है। पार्टी ने उन्हें सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी विरोधी बयान देने के लिए यह नोटिस भेजा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नोटिस के मुताबिक, पार्टी के आंतरिक मामलों पर चर्चा के लिए उचित मंच होने के बावजूद जुनेजा बार-बार सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक मंचों पर अपनी राय व्यक्त कर रहे थे। इससे पार्टी संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा है। नोटिस में कहा गया है कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है और कुलदीप जुनेजा को 3 दिनों के भीतर लिखित में अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह नोटिस प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने जारी किया गया है। इसकी प्रतिलिपि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और संबंधित पदाधिकारियों को भी भेजी गई है। संगठन में बदलाव और प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की थी निकाय चुनाव मतदान के बाद बागियों की घर वापसी पर सवाल उठाने वाले जुनेजा ने पार्टी अध्यक्ष दीपक बैज की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए संगठन में तुरंत बदलाव की मांग की है।उन्होंने कहा था कि नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को नहीं, हमारे मौजूदा संगठन को हार मिली है। इसलिए संगठन में बदलाव की बात जूनेजा ने कही थी। बागियों की वापसी पर पैसों के लेन-देन का लगाया था आरोप जूनेजा का विरोध चुनाव के समय बागी हुए अजीत कुकरेजा को लेकर था उन्होंने आरोप लगाया था कि पैसे के दम पर बागियों की वापसी हुई है। जूनेजा का आरोप था कि अजीत ने विधानसभा चुनाव उनके खिलाफ लड़ा था और पिछले 4 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ काम करते रहे हैं। इसके बावजूद उन्हे पार्टी में शामिल किया गया है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और राहुल गांधी को भी पत्र भेजा था।


