सिवनी के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को एक दुर्लभ नजारा देखने मिला। यहां जुगनी बाघिन अपने चार शावकों के साथ बेखौफ अंदाज में चहलकदमी करती नजर आई, जिसका वीडियो सामने आया है। सफारी पर निकले पर्यटकों की जिप्सी जैसे ही एक वन मार्ग से गुजर रही थी, जुगनी बाघिन और 4 शावक कच्ची सड़क पार करते हुए जंगल की ओर बढ़ते दिखे। इस रोमांचक नजारे को देखकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखा गया। पेंच नेशनल पार्क में पर्यटकों ने देखे बाघों के झलक देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पेंच नेशनल पार्क में मुख्य रूप से बाघों के दीदार के लिए पहुंचते हैं। इस दुर्लभ दृश्य ने पर्यटकों के सफारी अनुभव को और भी यादगार बना दिया। पेंच नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में फैला हुआ है, जबकि इसका एक हिस्सा महाराष्ट्र के नागपुर जिले तक विस्तृत है। पेंच नदी के नाम पर बने इस राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 1975 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला था, जिसे बाद में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। पेंच टाइगर रिजर्व को “द जंगल बुक” से प्रेरित जंगल, माना जाता यह अभयारण्य घने जंगलों, हरे-भरे घास के मैदानों और पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। पेंच टाइगर रिजर्व को विश्वप्रसिद्ध लेखक रुडयार्ड किपलिंग की कृति “द जंगल बुक” से प्रेरित जंगल भी माना जाता है। यहां बाघ और तेंदुए के अलावा भालू, जंगली कुत्ता, चीतल, सांभर, नीलगाय, गौर जैसे अनेक वन्यजीव पाए जाते हैं। पार्क में पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियां भी दर्ज की गई हैं, जो इसे पक्षी प्रेमियों के लिए भी आकर्षक बनाती हैं। पर्यटन की दृष्टि से पेंच नेशनल पार्क का विशेष महत्व है। यहां जीप सफारी और हाथी सफारी के माध्यम से पर्यटकों को जंगल भ्रमण की सुविधा मिलती है। अक्टूबर से जून तक का समय भ्रमण के लिए उपयुक्त माना जाता है। पेंच टाइगर रिजर्व वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।


